संगम में नाव के लिए कम्प्यूटराइज्ड होगी बुकिंग


इलाहाबाद । संगम में पर्यटकों से की जा रही लूटखसोट पर विराम लग जाएगा। दरअसल, यहां प्रशासन अब सभी नावों को कम्प्यूटराइज्ड करने जा रहा है। इस कारण अब मनमाने किराए की शिकायतों पर रोक लग सकेगी। जिला प्रशासन ने इसकी पूरी योजना बना ली है।
जानकारी के अनुसार जिलाधिकारी संजय कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह पैâसला लिया गया। इसमें संगम स्नान, देव दर्शन और अन्य र्धािमक कार्यो के लिए आने वाले तीर्थयात्रियों व पर्यटकों की सुविधा के लिए यह कदम उठाया गया है। संजय कुमार ने कहा कि संगम तट पर मनमाने ढंग से किराया वसूली की शिकायतें मिल रही थीं। इस पर प्रभावी नियंत्रण लगाने के लिए नावों की बुिंकग अब कम्प्यूटर के जरिए काउंटर से होगी। उन्होंने कहा कि गंगा-यमुना में चलने वाली सभी नावों का रजिस्ट्रेशन ३० अप्रैल तक जरूरी होगा। बिना रजिस्ट्रेशन के कोई भी नाव नहीं चलने दी जाएगी। ३० अप्रैल तक सभी का रजिस्ट्रेशन कराने की जिम्मेदारी अपर नगर मजिस्ट्रेट को सौंपी गई है।
जिलाधिकारी की ओर से कहा गया है कि नावों की बुिंकग के लिए कम्प्यूटराइज्ड काउंटर ३० अप्रैल तक बना दिए जाएं। सभी नावों पर रजिस्ट्रेशन नंबर अंकित रहेगा और नावों की कोिंडग की जाएगी। नावों में यात्रियों की क्षमता का उल्लेख होगा और उसके अनुसार नाव में उतनी ही लाइफ जैकेट रखना अनिवार्य होगा।
डीएम ने नावों का किराया निर्धारित करने के लिए एक समिति गठित की है, जिसमें प्रशासनिक अधिकारियों के साथ-साथ नाविक संघ के लोग शामिल होंगे।
जिलाधिकारी ने कहा कि रजिस्ट्रेशन और बुिंकग से आने वाला धन तीन हिस्सों में खर्च होगा। प्रथम नाविकों के भुगतान के लिए, दूसरा-प्रशासनिक व्यवस्थाओं के खर्च के लिए और तीसरा नाविकों के कल्याण के लिए एक कोष की स्थापना की जाएगी।
उन्होंने कहा कि नावों की बुिंकग के लिए दो काउंटर खोले जाएंगे। पहला काउंटर पुलिस चौकी के पास तथा दूसरा जल पुलिस चौकी के पास खोला जाएगा।
जिलाधिकारी ने कहा कि रोटेशन के आधार पर क्रमवार नाव की बुिंकग की जाएगी।