श्रीनगर में आतंकवादी घुसपैठ बढ़ी : गुप्तचर रिपोर्ट


नई दिल्ली। इस साल बर्पâबारी कम होने के कारण आतंकवादी घुसपैठ बढ़ गई है। यह जानकारी गुप्तचर विभाग की रिपोर्ट में सामने आई है। हालांकि गृह मंत्रालय ने इस रिपोर्ट को खारिज किया है। इधर, सैन्य एजेसियों को शक है कि श्रीनगर में युवा गुमराह हो रहे है। इसके पीछे कौन है यह पता नहीं चल सका है।
जानकारी के अनुसार घाटी में घुसपैठ को लेकर भी एजेंसियों की राय अलग-अलग है। सेना का कहना है कि घुसपैठ नहीं हो रही है जबकि गृह मंत्रालय का कहना है कि घुसपैठ में १०० फीसदी का इ़जा़फा हुआ है। इस बार ब़र्पâबारी कम हुई इसलिए भी घुसपैठ ़ज्यादा हुई है। पहले चार महीनों में ७० से ज्यादा आतंकवादियों के सीमा पार करने की खबर है। घाटी में इन दिनों खूब पर्यटक आ रहे हैं। आशंका जताई जा रही है कि अगर इसी तरह आतंकी हरकतें बढ़ती रहीं तो उसका असर सैलानियों की आमद पर पड़ सकता है।
जडिबल और फिर तेंगपुरा में एक के बाद एक श्रीनगर के बीचोबीच हुए दो आतंकवादी हमले हुए थे। जिनमें तीन जवान मारे गये थे। हमलों की जिम्मेदारी हिजबुल मु़जाहिदीन ने ली थी। उसने धमकी भी दी थी कि वह आने वाले दिनों में और हमले करेगा। सुरक्षा बल धमकियों से भले ही न डरें लेकिन फिक्र इस बात की हो रही है कि घाटी के नौजवान दोबारा गुमराह हो रहे हैं। माना जा रहा है कि तकरीबन १५ स्थानीय लड़के आतंकवादी हरकतों से जुड़ चुके हैं। सेना बेशक ये दावा कर रही हो कि सब ठीक है लेकिन गृह मंत्रालय का कुछ और मानना है। आईबी ने पिछले ह़फ्ते सोरा बेमिना ओर डाचीगाम के आतंकवादियों की हरकतों की जानकारी लोकल पुलिस को दी। लोकल पुलिस भी सतर्वâ थी और इलाके में लगातार छानबीन कर रही थी। लेकिन न सि़र्पâ हमला हुआ बाqल्क हमले के बाद आतंकवादी फरार भी हो गए। एक मामले में तो वो जवान के हथियार भी ले भागे।