वैष्णो देवी दर्शन फीस पर हाईकोर्ट ने बोर्ड को किया तलब


-नोटिस जारी कर २ हफ्ते में मांगा जवाब
जम्मू। माँ वैष्णो देवी की आरती और दर्शनों के लिए ली जा रही फीस के मामले में जम्मू-कश्मीर हाईकोर्ट ने वैष्णो देवी स्थापना बोर्ड को नोटिस जारी किया है। इस मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए अदालत ने बोर्ड से दो हफ्ते के भीतर अपना पक्ष रखने को भी कहा है। श्री माता वैष्णो देवी स्थापना बोर्ड ने १ जून २००८ से माता के दर्शनों के लिए आ रहे भक्तों को बेहतर सुविधाएं देने के तहत वैष्णो देवी की पवित्र गुफा में सुबह शाम को होने वाली आरती समेत जल्दी दर्शन करने के लिए कुछ फीस लगाई थी। वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने एक आदेश जारी कर वैष्णो देवी भवन के पास गेट नंबर २ से दर्शनों के लिए इच्छुक यात्रियों को ५०० रुपये प्रति श्रद्धालु, गेट नंबर ५ से दर्शनों के लिए इच्छुक यात्रियों को २०० प्रति श्रद्धालु और सुबह और शाम होने वाली अटका आरती में भाग लेने के लिए इच्छुक यात्रियों के लिए फीस के तौर पर १००० रुपये तय किये थे। हालांकि, इस आदेश से अटका आरती में फीस देकर हिस्सा लेने वालो की संख्या कुल संख्या का ३० प्रतिशत ही रखा गया है। श्रद्धालुओं से विशेष दर्शन और अटका आरती के नाम पर ली जा रही इस फीस के खिलाफ अब हाईकोर्ट के एक वकील ने जनहित याचिका दायर की है, जिसमें इस फीस को गैरजरूरी और र्धािमक अधिकारों के खिलाफ बताया गया है। याचिकाकर्ता सुमित नय्यर के मुताबिक इस याचिका पर सुनवाई के दौरान गुरुवार को कोर्ट ने श्री माता वैष्णो देवी स्थापना बोर्ड के चेयरमैन समेत कई अधिकारियों को दो हफ्तों के भीतर अपना पक्ष रखने को कहा है। याचिकाकर्ता के मुताबिक कोर्ट ने भी श्री माता वैष्णो देवी स्थापना बोर्ड के इस पैâसले पर कड़ा रुख अपनाया है।