वैंâसर से जूझकर पहलवान बने खली


शिमला।डव्लूडव्लूएफ पहलावन दुनिया भर में नाम कमाने से पहले वैंâसर की बीमारी से जूझ चुवेंâ हैं जोकि लोगों का मनोबल तोड़ देती है तथा दुनियाभर में लाखों लोगों की मौत इस घातक बीमारी से होती है। हिमाचल के जिला सिरमौर के एक छोटे से गांव घिराइना निवासी दिलीप राणा उर्पâ द ग्रेट खली आज भारत की शान है। ब्रेन टयूमर से लाखों लोगों को मौत हुई होगी, मगर यहां द ग्रेट खली को महाबली बनाने में एक टयूमर ने अहम भूमिका निभाई है। बहुत कम लोग ये बात जानते हैं। आइए जानते हैं ये चौंकाने वाली बातें, इस बात का खुलासा तब हुआ जब पिछले वर्ष (यूनिर्विसटी ऑफ पीट्सबर्ग) मेडिकल सेंटर में द गे्रट खली का उपचार हुआ।बताया गया है कि इस जांच में डाक्टरों ने पाया कि उनकी (पीयूष ग्राqन्थ) में एक टयूमर है और इसी टयूमर की वजह से हार्मोनल इंबैलेंस हुआ है। हार्मोंन्स मे असंतुलन होने के कारण खली की लंबाई और वजन अजीब ढंग से बढ़ने लगी। वह सबसे अलग दिखने लगा। वह इतना विशालकाय हो गया कि सभी उससे डरने लगे। बाद में अपनी इसी ताकत से खली ैैै चौंqम्पयन बनने में कामयाब हुए।बताया गया है कि यह सच है कि अगर यह टयूमर नहीं होता तो शायद दुनिया इस महाबली को देखने का सौभाग्य प्राप्त नहीं कर पाती और न ही भारत को ऐसा महाबली मिलता। ऐसा नहीं है कि खली ही अकेले हारमोनल इंबैलेंस का शिकार हुए है। इससे पहले भी कई लोगों को इसी प्रकार के टयूमर ने असाधारण तरीके से शारीरिक विकास किया है। चैंपियन बिग शो भी इसी तरह की बीमारी का शिकार हुए हैं।जानकारी के अनुसार हिमाचल प्रदेश से संबंध रखने वाले दलीप िंसह उर्पâ खली धिराइना गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने हिमाचल में कई वर्षों तक संघर्ष किया। पंजाब के एक पुलिस अफसर ने जब दलीप िंसह को देखा तो वह हैरान रह गया और उन्होंने रेसिंलग तक इनके सफर में काफी मदद की। इसके बाद उन्होंने खली को विशेष ट्रेिंनग दिलाई और इसके बाद पुलिस विभाग में भी तैनाती करवाई। पंजाब पुलिस विभाग में अभी खली ए.एस.आई के पद पर तैनात हैं।