विश्व का सबसे हल्का विमान ‘तेजस’ वायुसेना में


नईदिल्ली (ईएमएस)। भारतीय वायुसेना के बेड़े में अंतत: दुनिया का सबसे हल्का माना जाने वाला विमान तेजस शामिल हो गया। िंहदुस्तान एरोनॉटिक्स लिमिटेड यानी एचएएल ने शनिवार को बिना किसी औपचारिकता के तेजस सीरिज प्रोडक्शन-१ वेंâद्रीय रक्षा मंत्री मनोहर र्पिरकर और एयर चीफ मार्शल अनूप राहा को सौंप दिया। इस विमान का इस्तेमाल करने के लिए भारत को ३२ साल का लंबा इंतजार करना पड़ा है। इस विमान ने पहली उड़ान १ अक्टूबर २०१४ को भरी थी। अब भी यह विमान इनिशल ऑपरेशनल क्लीयरेंस कॉाqन्फग्रेशन में है। फाइनल ऑपरेशनल क्लीयरेंस कॉाqन्प्रâगेशन में आने के लिए इसे अभी एक साल और इंतजार करना पड़ सकता है।
यह विमान इलेक्ट्रॉनिक वॉरपेâयर सूट, मिड एयर रिफ्यूिंलग और लॉन्ग रेंज मिसाइल्स जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस नहीं होगा। रक्षा मंत्री र्पिरकर ने दिसंबर में ही लोकसभा में जानकारी दी थी कि एलसीए वायुसेना के पास मार्च तक आ जाएगा। हालांकि, मार्च तक एचएएल ऐसे एक और विमान के साथ तैयार होगा। वह भी इनिशल ऑपरेशनल क्लीयरेंस कॉाqन्फग्रेशन में ही होगा। एचएएल चेयरमैन आरके त्यागी ने बताया कि यह विमान पांच उड़ानें भर चुका है और इसकी विभिन्न स्तर पर जांच भी की जा चुकी है। हालांकि, इसकी प्रारंभिक लागत का अनुमान १२० करोड़ लगाया जा रहा था, लेकिन देरी के चलते कुल बजट १६० करोड़ रुपये का खर्च आया है। भारतीय वायुसेना ने पहले चरण में २० हल्के विमानों की जरूरत बताई हैै।