विधानसभा चुनावों में कांग्रेस का समर्थन कर सकते हैं पूर्व सैनिक


नई दिल्ली। राहुल गांधी की मेहनत अब रंग लाने लगी हैं क्योंकि भूतपूर्व सैनिक वन रेंक वन पेंशन पर कांग्रेस का समर्थन कर सकते है। कांग्रेस सूत्रों की माने तो पूर्व सैनिक आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को समर्थन कर सकते है, पूर्व सैनिक पंजाब, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस को समर्थन कर सकते है। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक कांग्रेस इसका एलान गुरूवार को प्रेस कांप्रेंâस में कर सकती है, प्रेस कांप्रेंâस में उत्तराखंड के सीएम हरीश रावत, हिमाचल प्रदेश के सीएम वीरभद्र िंसह और पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री वैâप्टन अमिंरदर िंसह पूर्व सैनिकों के साथ शामिल हो सकते हैं। गौरतलब है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ओरआरओपी के मुद्दे पर मोदी सरकार को घेर चुके है, वहीं राहुल गांधी पीएम मोदी को इस बाबत चिट्ठी भी लिख चुके है, राहुल गांधी ने पूर्व सैनिक रामकृष्ण ग्रेवाल की आत्महत्या पर सड़क पर हंगामा भी किया था। दरअसल पूरे देश भर में २५ लाख से भी ज्यादा पूर्व सैनिक है, कांग्रेस का मानना है की पहाड़ी प्रदेशों में और पंजाब में पूर्व सैनिकों का एक बड़ी तादाद है और इस तरह से कांग्रेस को समर्थन मिलने से चुनाव में उसको खासा फायदा होगा।यदि भूतपूर्व सैनिक कांग्रेस का समर्थन करती है तो इसका सीधा लाभ पंजाब,यूपी और उत्तराखंड चुनाव में मिल सकता है क्योंकि इन तीन राज्यों में सैनिकों की संख्या बहुत अधिक है।इनका सीधा वोट कांग्रेस को मिलाता हैं तो राहुल की मोदी सरकार के वन रेंक वन पेंशन स्कीम पर जीत हासिल हो जाएगी।