विदेशियों को बीफ खाने की छूट देने से विवादित हुए खट्टर


-हरियाणवी परंपरा पर प्रतिबंधित बीफ से विदशी रहेंगे मुक्त
चंडीगढ़। हरियाणा में बीफ की बिक्री पर लगे प्रतिबंध पर विदेशियों के लिए मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने नरमी बरतते हुए लायसेंस के साथ इसे खाने पर छूट देने पर विचार कर रही है। मामले में यू-टर्न लेते हुए उन्होंने कहा कि राज्य में कड़े कानून लागू होने के बावजूद वह विदेशी लोगों को कुछ ढील दे सकते हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में बीफ पर प्रतिबंध सिर्पâ हरियाणवी परंपरा को बनाए रखने के लिए है। मनोहर लाल ने कहा कि यह एक तरह का विशेष लाइसेंस होगा। जो लोग बाहर से आए हैं, हम उनका विरोध नहीं करते। इसी के तहत उनके खानपान का ख्याल रखेंगे। इससे पहले पिछले साल अक्टूबर में मनोहर लाल खट्टर ने कहा था कि मुाqस्लमों को यदि इस देश में रहना है तो बीफ खाना छोड़ना ही होगा। खट्टर सरकार ने पिछले साल मार्च में हरियाणा गोवंश संरक्षण और गोसंवर्धन विधेयक पारित कराया था। हरियाणा सरकार के इस विधेयक को नवम्बर में राष्ट्रपति ने भी मंजूरी दी थी। राज्य में गोवंश के कत्ल करने पर ३ से १० साल तक की वैâद और एक लाख रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। उधर, भाजपा सूत्रो ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं अध्यक्ष अमित शाह को मिली जानकारी के बाद खट्टर को दिल्ली तलब किया जा सकता है। पिछली बार भी भाजपा हाईकमान ने खट्टर को चेतावनी देकर अनुशासन में काम करने के लिए कहा था। वहीं दूसरी ओर खट्टर के बीफ खाने की छूट पर िंहदू महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी चक्रपाणि ने कहा कि िंहदुओं के साथ धोखा किया तो संत समाज बर्दाश्त नहीं करेगा और अगर जरूरत पड़ी तो सरकार को उसी की भाषा में जवाब दिया जाएगा। उन्होंने खट्टर के बयान को भाजपा और संघ का दोहरा चरित्र बताया। चक्रपाणि ने खट्टर को मुख्यमंत्री पद से हटाने की भी मांग की।