वाहनों में हाइब्रिड इलेक्ट्रिक किट के नियम जारी


नई दिल्ली । सरकार ने बैट्री चालित वाहनों को बढ़ावा देने के लिए पेट्रोल व डीजल चालित वाहनों में हाइब्रिड इलोqक्ट्रक किट लगवाने के इच्छुक लोगों को जानकारी के लिए आवश्यक नियम-कायदे जारी किए हैं। इस संबंध में मोटर वाहन कानून व वेंâद्रीय मोटर वाहन नियमावली में संशोधन के लिए सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय की ओर से मसौदे की अधिसूचना जारी की गई है। कोई संशोधन न होने की ाqस्थति में यह छह फरवरी से लागू हो जाएगी। अधिसूचना के मुताबिक ३५०० किलोग्राम तक सकल वाहन भार वाले वाहनों में हाइब्रिड इलोqक्ट्रक किट फिट कराने के लिए वाहन का भारत स्टेज-२ प्रदूषण मानक के अनुवूâल होने के अलावा एम१ (आठ सीटर कारें) और एम२ (५ टन तक की बसें) अथवा एन१ (३.५ टन तक के पिक-अप ट्रक) श्रेणी का होना जरूरी है। इसके अलावा हाइब्रिड इलोqक्ट्रक किट तभी लगाई जा सकती है, जब वाहन में पहले किसी तरह की किट न लगवाई गई हो। पेट्रोल और डीजल के अलावा अन्य किसी र्इंधन से चलने वाले वाहन में यह किट नहीं लगाई जा सकती। किट भारतीय मानक ब्यूरो के मानकों के अनुरूप होने के साथ प्राधिकृत एजेंसी से ही लगवानी होगी। ३५०० किलोग्राम से अधिक सकल वाहन भार वाहनों के मामले में वाहन का एम२ (५ टन से कम की बस), एम३ (५ टन से ऊपर की बस) अथवा एन२ (३.५-१२ टन कॉर्मिशयल ट्रक) या एन३ (१२ टन से ऊपर के कॉर्मिशयल ट्रक) श्रेणी का होना आवश्यक है। साथ ही इसका इस्तेमाल किसी प्रकार के खतरनाक पदार्थों के परिवहन में नहीं होना चाहिए। एल५एम (५० घन सेमी इंजन वाले यात्री तिपहिया) व एम श्रेणी के अन्य यात्री वाहनों के लिए हाइब्रिड इलोqक्ट्रक किट बनाने वाली वंâपनी के लिए नियम १२६ के तहत तीन वर्षीय टाइप एप्रूवल एजेंसी से टाइप एप्रूवल र्सिटफिकेट लेना जरूरी होगा।