वाट्सएप पर छाया मोदी के नाम किसान का पत्र


नईदिल्ली। संसद में भूमि अधिकरण बिल को पास कराने के लिये केन्द्र सरकार हर संभव प्रयास कर रही है, वहीं कांग्रेस भी इसके विरोध के नए-नए तरीके तलाश कर अपनी आवाज के साथ किसानों की पक्ष रख रही हैं। प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी के नाम किसानों का खुला पत्र वाट्सएप से लेकर सोशल मीडिया में वाइरल हो चुका है। इसमें लोगों को झूठे सपने दिखाने और सिर्पâ बड़ी-बड़ी बातें करने का आरोप लगाते हुए कांग्रेस ने पीएम मोदी के नाम एक किसान का खुला पत्र चला रही है। इसे कांग्रेस का मोदी सरकार पर करारा हमला कहा जा सकता है। कांग्रेस अपनी खोई सियासी जमीन फिर से हासिल करने में जुट गई है।
० आखिर क्या है इस पत्र में
इस पत्र की शुरू आत के प्रिय मोदी जी से हुई, जिसमें लिखा है कि चुनाव के पहले और चुनाव के बाद आपकी ाqस्थति तो सस्ते अखबार में आने वाले शादी के पहले और शादी के बाद वाले विज्ञापन जैसी हो गयी है। कहां वो मोदी थे जो अपने भाषणों में मां-बेटे की सरकार पर हमला बोलते थकते नहीं थे। कहां यह मोदी हैं जहां चहुंओर से खुद उनकी सरकार पर हमले किये जा रहे हैं और वो खामोश हैं। हमने तो जिस मोदी को देखा था वो अपने भाषणों में ताल ठोककर कहता था कि १०० दिन के लिए सत्ता दे दो, काला धन वापस न आये तो मुझको फांसी दे दो। प्रिय मोदी जी हमको बताइये कि हम रस्सी का आर्डर कहां दें और किसको दें? आपके अंबानी को या आपके अडानी को? चुनाव पूर्व भाषणों में आप कहते थे की काले धन का १५-१५ लाख सबके खाते में आएगा…. पड़ोसी ने आपकी बातों में आकर बेटी की शादी के लिए बचाया धन बाजार में लगा दिया और अब आपके हम्प्टी डंपटी का कहना है की वो १५ लाख वाली बात तो मह़ज सियासी जुमला थी ! आपके ब्रांड अम्बेसडर थे एक बाबा, आंख मार मारकर पूरे देश को उल्लू बना गए वो मोदीजी….पेट्रोल की कीमत आधी करने को कहा था… अरे आपसे अच्छा तो वो गूंगा मन्नू था मोदीजी…जो १४५ डॉलर प्रति बैरल तेल को यहां आपसे सस्ते में बेचता था..अब ५०-६० प्रति बैरल को आप उससे ़ज्यादा में बेच रहे हो।
इसके बाद पत्र का अंत आपका अपना किसान के साथ किया गया है।