लोग किसानों से मोलभाव करते हैं मॉल में नहीं : नाना पाटेकर


नई दिल्ली। महाराष्ट्र में बदहाल किसानों की हालत सुधारने के लिए काम कर रहे अभिनेता और सामाजिक कार्यकर्ता नाना पाटेकर का कहना है कि अगर देश के अन्नदाताओं को चिंतामुक्त करना है तो देश के तमाम लोगों को इसके लिए लगातार काम करना होगा। भारत रंग महोत्सव में शिरकत करने आये नाना पाटेकर ने कहा कि थोड़े दिनों से हमारे देश के किसानों की स्थिति बदहाल है और पूरे देश के किसानों की स्थिति सुधारने के लिए लगातार काम करने की जरूरत है और उनका दुख बांटने के लिए लोगों को आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि सरकारी मुलाजिम हड़ताल करता है तो सरकार उसकी बात सुनती है, लेकिन किसान आंदोलन करता है तो उसकी कोई सुनवाई नहीं होती। उन्होंने बताया कि किसान अकाल, सिंचाई के पानी के अभाव और मृत नदियों की समस्याओं से जूझ रहा है। उन्होंने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि किसान या सब्जी के दुकानदारों से सामान खरीदते समय हम मोलभाव करते हैं, लेकिन किसी मॉल या बड़े स्टोरों से सामान खरीदते वक्त हम कुछ भी नहीं बोलते और अधिक दाम में भी खरीदते हैं। नाना ने कहा कि हमने ११ गांवों को गोद लिया है। पानी के स्रोतों को पुनर्जीवित करने का प्रयास कर रहे हैं। महाराष्ट्र के एक क्षेत्र के लोगों ने इस कार्य के लिए बिना सरकारी मदद का इंतजार किये २२ करोड़ रूपये एकत्र किए हैं। गौरतलब है कि नाना पाटेकर पिछले काफी समय से महाराष्ट्र के मराठवाड़ा और विदर्भ क्षेत्र में किसानों के लिए लगातार काम कर रहे हैं, जहां सूखे और कर्ज के बोझ के कारण किसानों द्वारा आत्महत्या की घटनाएं सामने आयी हैं।