रूस के दो तेल ब्लॉक से भारत निकालेगा तेल


नई दिल्ली। इंडियन ऑयल के नेतृत्व में तीन सरकारी तेल वंâपनियों ने रूस के दो बड़े हाइड्रोकार्बन ब्लॉकों में अहम हिस्सेदारी खरीदने का समझौता कर लिया। दुनिया की बड़ी तेल वंâपनी रोसनेफ्त के साइबेरिया ाqस्थत दो बड़े तेल ब्लॉकों में इंडियन ऑयल, ऑयल इंडिया और भारत पेट्रोलियम (बीपीसीएल) ने हिस्सेदारी खरीदी है। इन फील्डों में भारतीय वंâपनियां कुल ४.२ अरब डॉलर यानी तकरीबन २८,२५० करोड़ रुपये का निवेश करेंगी। जानकारों का कहना है कि यह समझौता दोनों पक्षों के लिए बहुत अहम है क्योंकि एक तरफ जहां मंदी के इस दौर में रोसनेफ्त को निवेश के लिए नई राशि मिल गई है वही भारतीय वंâपनियों को अहम पेट्रोलियम ब्लॉकों में हिस्सेदारी मिली है जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिए अहम साबित हो सकती है।
पेट्रोलियम व प्राकृतिक गैस मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और रोसनेफ्त के सीईओ इगोर सेशिन की उपाqस्थति में ये समझौते हुए। पहला समझौता आइओसी, ऑयल इंडिया, िंहदुस्तान पेट्रोलियम के वंâर्सोिटयम ने रोसनेफ्त की तास-यूरियाख तेल ब्लॉक में २९.९ फीसद हिस्सेदारी खरीदने के लिए किया। इसमें भारतीय वंâपनियां १.२८ अरब डॉलर का निवेश करेंगी। इसके अलावा बैंकोर तेल फील्ड में २३.९ फीसद हिस्सेदारी के लिए अलग से समझौता हुआ। इस तेल फील्ड में सरकारी क्षेत्र की एक अन्य वंâपनी ओएनजीसी विदेश लिमिटेड (ओवीएल) पहले ही १५ फीसद हिस्सेदारी १.२९ अरब डॉलर में पहले ही खरीद चुकी है। इस तरह से भारतीय वंâपनियों के पास इस फील्ड में तकरीबन ४५ फीसद हिस्सेदारी हो गई। इसमें ओवीएल को ४.९ फीसद हिस्सेदारी और देने की बात है। इस तरह से इस फील्ड में भारतीय वंâपनियों के पास कुल ४९.९ फीसद हिस्सेदारी हो जाएगी। शेष हिस्सेदारी ५०.१ फीसद रोसनेफ्त के पास रहेगी। इससे भारत को कुल १.२ करोड़ टन कच्चा तेल हासिल होगा।