राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर जदयू


पटना। पांच राज्यों-पाqश्चम बंगाल, असम, केरल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में इस वर्ष होने वाले चुनाव में अपने प्रत्याशी उतारकर या समान विचारधारा वाले दलों की मदद कर जदयू वहां अपनी उपाqस्थति दर्ज कराने की तैयारी कर रहा है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक इस क्रम में जदयू को राष्ट्रीय पार्टी की पहचान दिलाने के भी अवसर मिलेंगे। जदयू को फिलहाल क्षेत्रीय पार्टी की मान्यता प्राप्त है। जदयू की पिछले माह हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में पार्टी के अन्य राज्यों में विस्तार पर विशेष रूप से चर्चा हुई थी। पार्टी ने अभी इन पांच राज्यों में अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा नहीं की है, लेकिन पार्टी के प्रधान राष्ट्रीय महासचिव केसी त्यागी यह संकेत दे चुके हैं तीन राज्यों-असम, पाqश्चम बंगाल और केरल में जदयू अपने उम्मीदवार उतारेगा। बिहार में भाजपा के खिलाफ जदयू, राजद और कांग्रेस की गोलबंदी के सफल प्रयोग के बाद अब यह प्रयोग अन्य राज्यों में भी किया जाएगा।
यह पूछे जाने पर कि क्या यह पार्टी को राष्ट्रीय पहचान दिलाने की तैयारी है, जदयू के प्रदेश प्रवक्ता डॉ. अजय आलोक ने कहा कि भाजपा के खिलाफ गोलबंदी हमारी पहली प्राथमिकता है। हम भाजपा विरोधी मतों का बिखराव नहीं होने देंगे। राष्ट्रीय पार्टी बनना या इन राज्यों में प्रत्याशी उतारना हमारे लिए बहुत महत्वपूर्ण नहीं है। परंतु सूत्रों की मानें तो इस वर्ष तीन राज्यों के अलावा अगले साल उत्तर प्रदेश चुनाव में भी जदयू अपने उम्मीदवार उतारेगा। यूपी चुनाव के लिए जदयू की अबतक राष्ट्रीय लोक दल, अपना दल और पीस पार्टी आदि के साथ कई राउंड की बैठवेंâ हो चुकी हैं। यह तैयारी जदयू को राष्ट्रीय पार्टी बनने की राह पर ले जा रही है।