‘राजस्व ज्ञानसंगम’ में कर अधिकारियों से रूबरू होंगे पीएम मोदी


नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर अधिकारियों की संयुक्त बैठक ‘राजस्व ज्ञानसंगम’ को संबोधित करेंगे। यह पहली बार है जब वेंâद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) व वेंâद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) की संयुक्त बैठक हो रही है और प्रधानमंत्री इसमें शामिल हो रहे हैं। देश की राजधानी में १६ से १७ जून तक होने वाली इस दो दिवसीय बैठक में काले धन से लेकर कर चोरी और करदाताओं की सुविधा से लेकर तमाम अन्य मुद्दों पर चर्चा की जाएगी। माना जा रहा है कि टैक्स अफसरों की इस शीर्ष बैठक के बाद देश में कर प्रशासन व्यवस्था में व्यापक बदलाव की शुरुआत हो सकती है। इससे पहले पीएम बैंकों के ‘ज्ञान संगम’ को संबोधित कर चुके हैं। इसके बाद ही मोदी सरकार ने बैंिंकग क्षेत्र में सात सूत्री सुधार किए हैं। खास बात यह है कि राजस्व ज्ञान संगम में करदाताओं की नजर में टैक्स विभाग की छवि को दर्शाने वाला एक सर्वेक्षण भी जारी किया जाएगा।
सूत्रों का कहना है कि सीबीडीटी और सीबीईसी को कहा गया है कि वे अपने अधिकारियों को महत्वपूर्ण नीतिगत मुद्दों व कर व्यवस्था को लेकर विधायी और प्रशासनिक प्रेâमवर्वâ से संबंधित नए विचारों के बारे में प्रधानमंत्री को सुझाव देने के संबंध में भी तैयारी करें। वित्त मंत्रालय का कहना है कि प्रधानमंत्री तेजी से बदल रही ग्लोबल अर्थव्यवस्था के मद्देनजर करदाताओं के अनुवूâल सेवाओं के ऊंचे मानक हासिल करने के संबंध में राजस्व अधिकारियों को प्रोत्साहित करेंगे। साथ ही कर प्रशासन के क्षेत्र में आने वाली चुनौतियों पर भी चर्चा करेंगे। सीबीडीटी और सीबीईसी की यह संयुक्त बैठक इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि वित्त मंत्रालय के राजस्व विभाग के अधीन आने वाले यही दोनों बोर्ड सरकारी खजाना भरते हैं। सरकार के लिए राजस्व जुटाने की जिम्मेदारी इन्हीं दोनों की होती है। अब तक कर अधिकारियों की सालाना बैठक अलग-अलग होती थी, लेकिन यह पहली बार है जब सीबीईसी और सीबीडीटी के अफसर की यह संयुक्त बैठक हो रही है।