राजस्थान में आरटीआई कानून पर कैंची


– कानून से बाहर हो गए ढाई लाख बच्चे
जयपुर। राजस्थान में सरकार ने शिक्षा के अधिकार (आरटीआई) कानून पर वैंâची चला दी है। इस पैâसले के कारण लगभग ढ़ाई लाख बच्चों पर इसका सीधा असर पड़ेगा। हालांकि सरकार के पैâसले के खिलाफ अदालत में एनजीओ याचिका लगाने की तैयारी में है।
जानकारी के अनुसार सरकार के एक आदेश के मुताबिक सिर्पâ बीपीएल कार्ड धारक परिवारों के बच्चे और एससी-एसटी वर्ग के बच्चे शिक्षा के अधिकार का फायदा लेते हुए प्राइवेट स्वूâलों में एडमीशन ले पाएंगे। सरकार के नोटिफिकेशन के तहत वेंâद्र और राज्य सरकार के तहत गरीबी रेखा से नीचे (बीपीएल) के परिवारों के बच्चे अब आरटीई में वीकर सेक्शन की परिभाषा में माने जाएंगे। इसके साथ-साथ अनुसूचित जाति (एससी), अनुसूचित जनजाति (एसटी), अनाथ, युद्ध में शहीदों के बच्चे, वैंâसर या एचआईवी ग्रस्त लोगों के बच्चे या फिर विकलांग शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्वूâलों में दाखिल ले पाएंगे। यह २०११ के उस नोटिफिकेशन को दरकिनार करता है जिसके तहत ढाई लाख से कम र्वािषक आय वाले लोग आरटीई का फायदा उठा सकते थे।