राजपथ पर दिखेगा एक भारत-श्रेष्ठ भारत


नईदिल्ली। दिल्ली में आयोजित होने वाले गणतन्त्र दिवस पर सामाजिक और र्आिथक मुद्दों पर अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा राजपथ पर नरेंद्र मोदी के `एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की झांकी देखेंगे।मोदी सरकार का पहला स्वतंत्रता दिवस जैसे कुछ अलहदा था, वैसे ही गणतंत्र दिवस की रंगत भी विशेष होगी।कार्यक्रम को आंदोलन की शक्ल देने की अपनी सोच और उन्हें मूर्तरूप देने के नायक नरेन्द्र मोदी सरकार राजपथ पर झांकी के जरिये प्रर्दिशत करेगी।यह पहली बार होगा कि अमेरिकी राष्ट्रपति किसी आयोजन में खुले आसमान के नीचे दो घंटे तक बैठेंगे। भारत सरकार ने इस मौके को भव्य और दिव्य बनाने में अपनी तरफ से कोई कसर नहीं छोड़ी है। महाशक्ति के सामने मोदी सरकार अपनी सामरिक ताकत के साथ-साथ भविष्य की सोच का खाका भी सामने रखेगी। अमेरिका ने मोदी की जीत के बाद उनके नारे `सबका साथ, सबका विकास’ की की प्रशंशा की थी। इस बार मोदी सरकार की तैयारी अमेरिकी सत्ता प्रतिष्ठान के मानस में `एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की थीम पर आधारित है।
राजपथ पर विभिन्न मंत्रालयों की झांकी में मुख्यत: वही प्रर्दिशत किया जाएगा जो मोदी अपने पिछले चुनावी भाषणों में कहते चले आ रहे हैं। सामाजिक और र्आिथक मुद्दों पर ही एक भारत-श्रेष्ठ भारत की झांकी चलेगी। मसलन बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, मेक इन इंडिया, आयुष योग, हाईस्पीड ट्रेन जैसे विषय होंगे।
सबसे ज्यादा जोर महिला सशक्तीकरण और भारतीय अध्यात्म पर होगा। महिला सुरक्षाबलों का तो एक दस्ता पहली बार मार्च भी करेगा। राजपथ पर लोग जहां योग करते दिखाई देंगे, वहीं स्त्री सशक्तीकरण के तमाम प्रतीक और सरकारी पैâसलों का घालमेल भी झांकियों में दिखाई देगा।
भाजपाशासित राज्यों मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ के अलावा अन्य गैर भाजपा शासित राज्यों उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और कर्नाटक की झांकी भी है। दिल्ली में विधानसभा चुनाव के दौरान हो रहे इस गणतंत्र दिवस समारोह में इन झांकियों के तमाम सियासी गतिविधियां देखने को मिलेंगी।
गौरतलब है कि मोदी ने अमेरिकी दौरे के दौरान मेडिसन स्क्वायर से ऐसा समां बांधा कि महाराष्ट्र और हरियाणा की सत्ता पलटा दी। दोनों राज्यों में भाजपा की विजय के लिए मेडिसन स्क्वायर को भी खासा जिम्मेदार माना गया। अब दो राज्यों के बाद दिल्ली चुनाव के लिए फिर अमेरिकी पैâक्टर दोहराया जा रहा है।वैसे भी दुनिया की महाशक्ति का प्रतिनिधि वास्तव में भारतीय क्षमताओं को देखने नहीं आ रहा है। असल में उस महाशक्ति का प्रदर्शन दिल्ली की जनता के सामने कर सरकार दिल्ली चुनाव से पहले अपना असली ट्रंपकार्ड खेलेगी।