रसोई गैस एजेंसियां करेंगी जासूसी


नई दिल्ली । अगर आपकी आय दस लाख रुपये से ज्यादा है और इसके बावजूद आप रसोई गैस साqब्सडी ले रहे हैं तो सावधान हो जाइए। देश की हजारों रसोई गैस एजेंसियां जल्द ही अपने ग्राहकों की आय संबंधी सूचना सरकार को देना शुरू कर सकती हैं। इसके आधार पर आपकी एलपीजी साqब्सडी भी बंद हो सकती है। सरकार के लिए भी इससे सिर्पâ जरूरतमंदों तक एलपीजी साqब्सडी पहुंचाना आसान हो जाएगा। दरअसल, देश में दस लाख रुपये सालाना से ज्यादा आय वालों को रसोई गैस साqब्सडी बंद करने के पैâसले को सही तरीके से लागू करने के लिए कई विकल्पों पर विचार कर रही है। इसमें एक विकल्प यह है कि रसोई गैस एजेंसियों से कहा जाए कि वह अपने ग्राहकों की आय के बारे में सरकार को सूचना दें। पेट्रोलियम मंत्रालय के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक रसोई गैस एजेंसियां लंबे अरसे तक ग्राहकों के संपर्वâ में रहती हैं। मझोले व छोटे शहरों में तो ग्राहकों के साथ इतना व्यक्तिगत रिश्ता भी होता है कि ये अच्छी तरह से अनुमान लगा सकते हैं कि ग्राहकों की आय कितनी है? खासतौर पर हर शहर में संपन्न लोगों के इलाकों में किन-किन घरों में साqब्सडी वाली एलपीजी सप्लाई हो रही है, इस बारे में ये एजेंसियां सटीक सूचना दे सकती हैं। क्या एजेंसियों की सूचना पर ही सरकार भरोसा कर लेगी? यह पूछने पर सरकारी अधिकारियों का जवाब था कि नहीं, पहले उनका सत्यापन होगा, उसके बाद ही कार्रवाई की जाएगी।
वैसे इसके अलावा भी पेट्रोलियम मंत्रालय दस लाख से ज्यादा आय वाले पैâसले को लागू करने के लिए कुछ अन्य विकल्पों पर विचार कर रहा है। एक पैâसला यह हुआ है कि नए एलपीजी ग्राहकों को अपनी तरफ से एफिडेविट देना होगा कि उनकी आय दस लाख रुपये से कम है। इस एफिडेविट के बाद ही उन्हें साqब्सडी वाली गैस मिलेगी। यह एफिडेविट नहीं देने का मतलब होगा कि ग्राहक ने साqब्सडी लेने से इनकार कर दिया है। क्रिसिल नाम की एजेंसी ने हाल ही में कहा था कि सरकार इस पैâसले को लागू कर अपनी साqब्सडी बिल में ५०० करोड़ रुपये सालाना की कटौती कर सकती है।