मृत्युदंड की सजा देने के मामले में शीर्ष दस देशो में भारत


मुम्बई । पिछले साल अपराधियों को मौत की सजा देने वाले ५५ देशो में से भारत शीर्ष १० में एक था।भारतीय अदालतों ने २०१४ में ६४ लोगों को मौत की सजा सुनाई थी। एमनेस्टी अंतरराष्ट्रीय मृत्युदंड रिपोर्ट २०१५ के मुताबिक २०१३ में सजायाफ्ता को फांसी पर लटकाने वाले सात देशों में भी भारत शामिल है लेकिन २०१४ में एक भी अपराधी को फांसी नही दी गई। इंडिया मिरर के वैश्विक आंकडे में दिखाया गया है कि भारत में २०१३ की तुलना में २०१४ फांसी की सजा २२ फीसदी कम हुई थी लेकिन २०१३ में मृत्युदंड की २८ फीसदी अधिक सजा दी गई थी। वर्ष २०१४ में वैश्विक स्तर पर ६०७ लोगों को फांसी दी गई जबकि २४६६ को मौत की सजा सुनाई गयी। फांसी पर लटकाए गये ६०७ अपराधियों में से ७२ फीसदी ईरान,ईराक एवं साऊदी अरब से थे। इन आंकडों से वैसे पूरे विश्व भर के सजाए-मौत की सजा की जानकारी उपलब्ध नही हो सकी है। क्योंकि बेलारूस,चीन एवं वियतनाम में फांसी की सजा को गुप्त रखा जाता है। उसके अलावा सीरिया एवं उत्तरी कोरिया जैसे देशो से कोई सूचना नही मिल सकी है। राष्ट्रीय कानून विश्वविधालय (दिल्ली) के मृत्युदंड अनुसंधान प्रोजेक्ट में पाया गया कि वर्तमान में मृत्युदंड की सजा सुनाए गये लोगों की संख्या २७० है। जबकि २०१४ में आठ लोगों की दया याचिका निरस्त कर दी गयी थी।