मुस्लिम समाज ने किया ‘मेड इन चाइना’ का बहिष्कार


लखनऊ। चीन में रोजे पर पाबंदी लगाए जाने के विरोध में इस बार मुाqस्लम समुदाय ने चाइनीज सामानों का उपयोग नहीं किया । खासकर टोपी का। दुकानदारों ने भी इस बार थोक मंडी से कोई चाइनीज सामान नहीं उठाया। जिन दुकानदारों के पास पहले से चाइनीज सामान था उसकी भी बिक्री नहीं हुई। दूसरी तरफ पाकिस्तान, इंडोनेशिया, ओमान और मस्कती में बनीं टोपी खूब बिक रही हैं।
ज्ञात रहे कि चीन की सरकार ने अपने देश में रोजे पर पाबंदी लगा दी है। इसका विरोध भारत में कई जगह हुआ। बरेली के कई संगठनों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेज कर इस मामले में चीन की सरकार से बात करने की मांग की थी। रोजे पर रोक के विरोध में बरेली के दुकानदारों ने चाइना का माल नहीं उठाया।
टोपी के अलावा दूसरे इस्लामी आइटम खासतौर से कार हैंिंगग, तसबीह, तुगरे, घड़ी आदि बिलकुल नहीं खरीदे गए। लोगों ने चाइनीज सामान से पूरी तरह परहेज करने की कोशिश की।