मुंबई में सभी गैंगस्टर पर एक-एक पुलिसकर्मी की नजर


मुंबई। यूं तो मुंबई में अंडरवल्र्ड कहने को तो पहले से काफी कमजोर है लेकिन जबरन वसूली और धमकाने की वारदाते होती रहती हैं। ज्यादातर मामलों में जमानत पर छूटे या अदालत से बरी हुए गुंडे लिप्त पाए गए हैं। इसलिए अब ऐसे सभी गैंगस्टरों पर नजर रखने के लिए पुलिस ने एक गैंगस्टर एक पुलिस कर्मी की योजना लागू की है। खास तौर से दक्षिण मुंबई में यह व्यवस्था शुरू की गई है। दरअसल अपराधी डी कंपनी, अरुण गवली, आश्विन नाईक, गोल्डन गैंग जैसे कई संगठित गिरोहों की जड़ें अकेले दक्षिण मुंबई से जुड़ी हैं। इलाके के अतिरक्त पुलिस आयुक्त प्रताप दीघावकर के मुताबिक उनके इलाके में कुल १७ पुलिस थाने हैं। इन इलाकों में ९३ गैंगस्टर पुलिस की नजर में हैं। दीघावकर के मुताबिक संबधित पुलिस वाले का काम है उसे दिए गए गैंगस्टर की पूरी जानकारी निकालना। उसके आय के स्त्रोत की जांच करना, उससे मिलने जुलने वालों का पता करना। उससे जुड़ी सारी जानकरी ई-फॉर्म में भरना, १५ दिन में एक बार थाने के वरिष्ठ अधिकारी के सामने हाजिर करना। ऐसे कुल १३ दिशा निर्देश दिए गए हैं। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त दीघावकर के मुताबिक ९३ आरोपियों में १७ लापता मिले हैं। इसलिए अब उनकी जमानत रद्द करवाकर उन्हें भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा गया है। साथ ही उनकी जमानत देने वालों पर भी कार्रवाई की कोशिश की जाएगी।