मिशन 2017: िंहदूवादी चेहरे को हल्का कर मुस्लिमों को साधना चाहती है भाजपा


इलाहाबाद। उत्तरप्रदेश के विधानसभा चुनाव में भाजपा दलितों, पिछड़ों और अगड़ों के साथ मुाqस्लमों को भी साधने में जुट गई है। दो मुाqस्लम देशों में प्रधानमंत्री को मिले सर्वोच्च नागरिक सम्मान को पार्टी भुनाने में लगी है और इसे बड़ी उपलाqब्ध करार दे रही है। साथ ही पार्टी ने राम मंदिर के मुद्दे से भी किनारा कर लिया है। भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में यह मुद्दा पूरी तरह से गायब रहा। इस मसले पर वेंâद्रीय मंत्री रवि शंकर प्रसाद ने कहा कि जरूरी नहीं हर बैठक में राम मंदिर मुद्दे पर चर्चा की जाए। वेंâद्रीय मंत्री कलराज मिश्र ने अनौपचारिक बातचीत में कहा कि यूपी के चुनाव में मोदी ही भाजपा का चेहरा होंगे। उन्हीं के नाम पर चुनाव लड़ा जाएगा। अगर भाजपा इसी दिशा में आगे बढ़ती है तो सबसे पहले उसे साबित करना होगा कि यूपी में पार्टी हर वर्ग को लेकर आगे बढ़ेगी। भाजपा को अपनी िंहदूवादी छवि को भी हल्का करना होगा।
हाल ही में होटल कान्हा श्याम में पदाधिकारियों को संबोधित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने भी यही संकेत दिए। उन्होंने कहा कि मात्र दो साल में मुाqस्लम देश सऊदी अरब और अफगानिस्तान ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा। ईरान, कतर, अबूधाबी जैसे देशों से भी भारत के रिश्ते सुधरे हैं। मुाqस्लम देश आतंकवाद के मुद्दे पर भारत के साथ हैं और सभी आतंकवाद का विरोध करते हैं। मुाqस्लम देशों में पीएम को सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया जाना और इन देशों से भारत के रिश्ते सुधरना देश के लिए अच्छे संकेत हैं। ऐसा पहले कभी नहीं हुआ। शाह के इस बयान और राम मंदिर मुद्दे को बैठक से अलग रखना यही इशारा कर रहा है कि यूपी के चुनाव में भाजपा िंहदूवादी चेहरे से हटकर हर वर्ग को साधना चाहती है।