महाराष्ट्र्र के मराठवाड़ा में तीन माह में 200किसानों ने की आत्महत्या


औरंगाबाद।आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में तीन महीनों में २००से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है।किसानों द्वारा कठोर कदम उठाए जाने के पीछे कर्ज के बोझ को महत्वपूर्ण कारण बताया जा रहा है ,बेमौसम वारिस एवं ओला पड़ने की वजह से किसानों की फसल नष्ट हो गयी थी जिसकी वजह से वे कर्ज चुकाने में असमर्थ थे।गौरतलब है कि पिछले साल ५१० किसानों ने विभिन्न कारणों से मौत को गले लगाया था।वर्ष २०१५ में आत्महत्या करने वाले १०५ किसानों के परिवारों को शासकीय सहायता उपलब्ध करायी गयी थी ,जबकि २९किसान पात्र नही पाये गये थे।मुआवजा नही प्राप्त करने वाले किसानों के बारे में पूछे जाने पर अधिकारियों ने बताया कि किसानों को मुआवजा देने के मापदंड के अनुसार किसान के नाम पर कर्ज होना चाहिए तथा उसे शराब का आदी नही होना चाहिए। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार फसलों की प्राकृतिक आपदा के कारण क्षति की वजह से मराठवाड़ा क्षेत्र के ३९,७७००० किसान मुआवजा के हकदार हैं।मराठवाड़ा क्षेत्र में तीन महीनों में २०६किसानों ने आत्महत्या की थी।