महागठबंधन पर भड़की सपा


लखनऊ। समाजवादी पार्टी (सपा) ने बिहार की तरह उत्तर प्रदेश में भी सपा के बगैर चुनावी गठबंधन बनाने की राह तलाश रहे जनता दल यूनाईटेड की बौद्धिक क्षमता और राजनीतिक समझ का उपहास उड़ाया है। उपहास उड़ाते हुए सपा ने कहा कि जिन्होंने कभी संघर्ष नहीं किया और हमेशा सत्ता में कृपाकांक्षी रहे, वही अब महागठबंधन बनाने की हवाई चर्चा में लग गए हैं। सपा के प्रांतीय प्रवक्ता राजेन्द्र चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के विरुद्ध महागठबंधन के समर्थक जब बीजेपी विरोधी किसी अभियान में शामिल ना होने की बात करते हैं तो उनकी बौद्धिक क्षमता और राजनीतिक समझ उपहास की पात्र बन जाती है। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में बीजेपी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की सांप्रदायिक राजनीति पर सिर्फ सपा ने ही अंकुश लगाया है। सपा का अटूट गठबंधन पहले ही प्रदेश की २२ करोड़ की जनता के साथ है। सपा प्रवक्ता ने जेडीयू अध्यक्ष शरद यादव पर परोक्ष रूप से तंज करते हुए कहा कि जिन्हें जनता पर विश्वास नहीं है वे ही महागठबंधन की बात करते हैं। बसपा के तानाशाही राज से सिर्फ सपा कार्यकर्ताओं ने ही संघर्ष किया था, जिन्होंने कभी संघर्ष नहीं किया और हमेशा सत्ता के कृपाकांक्षी रहे, वही अब महागठबंधन बनाने की हवाई चर्चा में लग गए हैं। प्रवक्ता ने कटाक्ष किया कि जिस तरह रूस में बारिश होने पर भारत के कम्युनिस्ट लोगों के छाता तान लेने की चर्चाएं थीं, वही हाल महागठबंधन वालों का है, जो पड़ोसी बिहार की जीत से अति उत्साह के शिकार बन गए हैं। चौधरी ने कहा कि जनता समझ रही है कि प्रदेश में विकास के मोर्चे पर जो काम तेजी से हो रहे हैं, उनमें अवरोध पैदा करने वाले तत्व अब नए-नए मुखौटे लेकर आएंगे। जनता इनको खूब पहचानती है। मालूम हो कि उत्तर प्रदेश में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के साथ गठबंधन करने का स्पष्ट संकेत देते जेडीयू के मुखिया शरद यादव ने कहा था कि बिहार की तरह इस सूबे में भी महागठबंधन बनाने के लिए बातचीत चल रही है। महागठबंधन में सपा को शामिल किए जाने पर यादव ने कहा था कि हमने तो सपा मुखिया मुलायम सिंह यादव को महागठबंधन का नेता बनाया था लेकिन वे ही महागठबंधन से बाहर चले गए। बिहार चुनाव के लिए बने जेडीयू, राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस ने मिलकर चुनाव लड़ा था और बीजेपी को करारी शिकस्त दी थी।