महाकालेश्वर मंदिर सरीखा होगा भगवान पशुपतिनाथ मंदिर का गर्भगृह


मंदसौर । उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर सरीखा ही अष्टमुखी भगवान श्री पशुपतिनाथ महादेव मंदिर को भी बनाया जा रहा है। पशुपतिनाथ मंदिर में गत दिनों गर्भगृह से नंदीगृह तक दीवारों पर संगमरमर का कार्य प्रारंभ होने के बाद नववर्ष में शुक्रवार से गर्भगृह में चांदी का वर्वâ भी प्रारंभ हो गया है। उज्जैन के बाबाश्री कला वेंâद्र के कारीगरों ने गर्भगृह में जाल लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। इस पर वास्तुशास्त्र के अनुसार रुद्र यंत्र लगाया जाएगा। चांदी के पतरे पर रुद्रपाठ, शिव की प्रिय वस्तुएं डमरू, त्रिशूल, नंदी, बिल्व पत्र को उकेरा जाएगा। नव वर्ष में शुक्रवार से उज्जैन के बाबाश्री कला वेंâद्र के कारीगरों ने मंदिर के गर्भगृह में चांदी की छत (चांदी का रुद्र यंत्र) लगाने का कार्य प्रारंभ कर दिया है। कला वेंâद्र द्वारा ही श्री महाकालेश्वरेश्वर मंदिर में चांदी की छत बनाई गई है। ठेकेदार विपिन शर्मा ने कहा कि अभी मंदिर गर्भगृह में एसएस (स्टेनलेस स्टील) से जाल बांधने का कार्य प्रारंभ किया गया है। इसके बाद पीवीसी शीट लगाई जाएगी। इससे पानी में भी यह खराब नहीं होगी। इसके ऊपर वास्तुशास्त्र के अनुसार र्नििमत चांदी से बना रुद्र यंत्र लगाया जाएगा। गर्भ में कहीं भी खड़े हो, रुद्रपाठ कर सवेंâगे अभी बन रही चांदी की छत पर ११ गुणा ११ का रुद्र यंत्र लगाया जाएगा। इसमें चांदी के ही पतरे पर रुद्रपाठ लिखा होगा। गर्भगृह के किसी भी कोने में खड़े होकर पूरा रुद्र पाठ पढ़ा जा सकेगा। इसी पर शिव भगवान की प्रिय वस्तुएं जैसे त्रिशूल, नंदी, बिलपत्र आदि वस्तुओं की आकृति रहेगी। चांदी में करंट तेजी से पैâलता है। जरा सा भी स्पार्वâ होने पर करंट पैâलने की संभावना रहती है। ऐसे में गर्भगृह में डीसी लाइट लगाई जाएगी। इससे करंट पैâलने का खतरा नहीं रहेगा। शिवना में बाढ़ आने पर भी गर्भगृह में पानी भरता है तो भी लाइट जलती रहेगी। कलेक्टर स्वतंत्र कुमार िंसह के अनुसार रुद्र यंत्र निर्माण के लिए लगभग तीन-चार ाqक्वटल चांदी की आवश्यकता होगी। वर्तमान में मंदिर समिति के पास ५० किलो चांदी उपलब्ध है। चांदी के लिए दानदाताओं से चर्चा चल रही है। ७० से ८० किलो दान में मिलने की संभावना है। चांदी मंदिर समिति लगभग डेढ़ िंक्वटल चांदी खरीदेगी।
ऋषि/ईएमएस ०३ जनवरी २०१६