‘‘मयखानों’’ में बिक रही पूड़ी, सब्जी और जलेबी


पटना। जहां सुबह होते ही महफिलें जम जाती थीं। देर रात तक सूखे चने व नमक पर रंग जम जाता था। आज वहां सन्नाटा पसरा हुआ है। जी हां ‘मयखाने’ में सन्नाटा ही नहीं शमशानी सन्नाटा पसरा है। यह सन्नाटा कुछ क्षण के लिए नहीं है। इसका असर हर चौक चौराहे, गली मोहल्ले वालों पर है। महिलाएं राहत की लंबी सांस ले रही हैं। हम बात कर रहे हैं देसी शराब के दीवानों की। राज्य सरकार के निर्णय के बाद शुक्रवार से राज्य भर में लागू शराब बंदी का असर साफ दिख रहा है। जहां देशी व विदेशी शराब की दुकान हुआ करती थी वहां आज जलेबी की दुकान खुली थी। सुबह शराब के कुछ प्रेमी उस दुकान पर पहुंचे ये समझ कर की कही नीतीश कुमार ने मूर्ख दिवस पर शराबियों को मूर्ख बनाने का काम तो नहीं किया है। लेकिन जब मयखाने पर पहुंचे तो देसी और विदेशी के जगह उन्हें मुंह मीठा करने के लिए जलेबी की दुकान खुली मिली। इस दुकान पर पहले शराबियों के लिए चखना दिखता था। लेकिन दुकान बंद होने के कारण इन दुकानदारों ने भी अपना धंधा बदल दिया। चखना के जगह अब सुबह जलेबी बेचने लगे हैं। राज्य सरकार ने शराब बंदी की घोषणा करते हुए कहा था कि जिस दुकान में शराब बिक रहे हैं वहां अब दूध की दुकान खुलेगी। लेकिन पहले दिन दूध की जगह लोगों को जलेबी मिली।