मनीष सिसोदिया को नोटिस देने वाले अधिकारी का हुआ तबादला


नई दिल्ली। आम आदमी पार्टी (आप) सरकार ने अब उन ऑफिसरों को टारगेट पर लेना शुरू कर दिया है, जो उसकी कार्यप्रणाली में बाधक बन रहे हें। इसी अभियान के तहत पीडब्ल्यूडी के उस अधिकारी को हटा दिया है, जिसने सरकार के पिछले कार्यकाल के बाद मनीष सिसोदिया को सरकारी आवास खाली करने का नोटिस जारी किया था। इसके अलावा दिल्ली सचिवालय की लाइब्रेरी की वह लाइब्रेरियन भी निशाने पर आ गई है, जिसने आप कार्यकर्ताओं को किताबें जारी करने से इनकार कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि सरकार ने पीडब्ल्यूडीr के एक डेप्युटी सेक्रेटरी को उनके पद से हटा दिया है। खास बात यह है कि उन्हें अभी किसी और विभाग में न भेजकर अभी इंतजार करने को कहा गया है। इस अधिकारी ने पिछली बार ‘आप’ सरकार के इस्तीफा देने के बाद उस वक्त के शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को मयूर विहार फेज २ में उन्हें दिए गए सरकार फ्लैटों (४६ ए और ४९ ए) को खाली करने का नोटिस जारी किया था। ऑफिसर ने पिछले साल ३ मार्च को जारी नोटिस में कहा था कि चूंकि अब वह सरकार में मंत्री नहीं हैं और १५ दिनों की अवधि निकल चुकी है, इसलिए जल्द सरकारी आवास खाली करें या बाजार दर पर किराया लिया जाएगा। सूत्र बताते हैं कि सरकार के मुख्यालय दिल्ली सचिवालय की लाइब्रेरी में कार्यरत एक महिला लाइब्रेरियन भी सरकार के निशाने पर आ गई है। इस लाइब्रेरियन ने सरकार के विभिन्न मंत्रियों के साथ काम कर रहे पार्टी के कार्यकर्ताओं को किताबें देने से यह कहते हुए इनकार कर दिया था कि यह सुविधा सिर्फ सरकारी कर्मचारियों के लिए है। इस महिला लाइब्रेरियन को भी दूसरे विभाग में भेज दिया गया है। बताते हैं कि कई अधिकारी मंत्रियों के साथ जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं के कार्यकलाप से खासे परेशान हो रहे हैं। अभी हाल ही में सीएम ऑफिस से जुड़े पार्टी कार्यकर्ताओं ने पीडब्ल्यूडी को पत्र लिखकर पूरी दिल्ली में विभाग के खाली पड़े फ्लैटों की जानकारी मांगी थी, लेकिन अफसरों ने सरकारी नियमों का हवाला देते हुए उन्हें जानकारी देने से इनकार कर दिया था। सूत्र बताते हैं कि कई मसलों को लेकर सरकारी ऑफिसरों और आप वर्करों में तनातनी लगातार बढ़ रही है।