मनमानी फीस के मुद्दे पर मानव संसाधन की सख्ती


– जस्टिस श्रीकृष्णा कमेटी का निर्णय न मानने वाले राज्यों का ब्योरा मांगा
नई दिल्ली। मानव संसाधन विकास मंत्रालय निजी कॉलेजों की मनमानी फीस के मामले में सख्ती के मूड में आ गया है। उसने उन राज्यों से जवाब मांगा है जिसने जस्टिस श्रीकृष्णा कमेटी के सुझावों का अब तक पालन नहीं कराया है। इस कमेटी को सुप्रीम कोर्ट पहले ही हरी झण्डी दे चुका है।
जानकारी के अनुसार ऑल इंडिया काउंसिल ऑफ टोqक्नकल एजुकेशन (एआईसीटीसी) ने राज्य सरकारों को नए सिरे से रिमाइंडर भेज कर प्राइवेट टोqक्नकल संस्थानों में फीस रेगुलेट करने के लिए अथॉरिटी गठन करने का आदेश दिया है। काउंसिल के मुताबिक, कई राज्य सरकारें प्राइवेट टोqक्नकल इांqस्टटयूट्स की मोटी फीस वसूलने पर लगाम लगाने में गंभीर नहीं दिख रही है। एआईसीटीसी ने सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर प्राइवेट टोqक्नकल इांqस्टटयूट्स में फीस रेगुलेट करने के लिए जाqस्टस श्रीकृष्णा कमेटी का गठन किया था। काउंसिल ने इस कमेटी की सिफारिशों को मान कर सभी राज्य सरकारों को पिछले साल दिसबर में ही निर्देश दे दिए थे कि जब तक नेशनल फीस रेगुलेटरी अथॉरिटी का गठन नहीं हो जाता तब तक वे अपने स्तर पर प्राइवेट इांqस्टटयूट्स की मनमानी पर लगाम लगाए।
साथ ही सभी राज्य सरकारों को श्रीकृष्णा कमेटी की सिफारिशें लागू करने को कहा था। कमेटी ने निजी इंजीनियिंरग कॉलेज और मैनेजमेंट इांqस्टटयूट के लिए अधिकतम टयूशन फीस की लिमिट तय करने की सिफारिश करते हुए कहा है कि कोई भी इांqस्टटयूट उससे ज्यादा फीस नहीं वसूल सकता है।