मछुआरों को अंतर्राष्ट्रीय सीमा की जानकारी देगा उपकरण


बेंगलूरू। तात्या ग्लोबल ने मछुआरों को दूसरे देशों की सीमा में जाने से रोकने तथा अपने देश की जल सीमा के पहचान में सहायता के लिए चेतावनी एवं आपातकालीन प्रतिक्रिया प्रणाली विकसित की है। अक्सर मछुआरों द्वारा भूलवश पाकिस्तान अथवा श्रीलंका की सीमा में पहुंचने पर उन्हें जान गंवानी पड़ती है साथ ही अंतर्राष्ट्रीय विवाद बढ़ता है। वंâपनी के सहसंस्थापक रितेश पंडया ने बताया कि उच्च प्राथमिकता वाले मुद्दे को तकनीक के माध्यम से हल करने की हमेशा से आवश्यकता थी। हमने जीपीएस सेवा विहीन छोटे एवं मझौले आकार के नावों के लिए विकल्प तैयार करने के बारे में सोचा था। पांडया पहले अफगानिस्तान की दूरसंचार वंâपनी में काम करते थे एक आत्मघाती बम विस्फोट में बाल-बाल बचने के बाद वह २०१२ में स्वदेश लौट आए थे। हालांकि समुद्री क्षेत्र में मोबाइल फोन पर जीपीएस संकेत काम नहीं करता है। वंâपनी ने विशेष डिवाइस (युक्ति) विकसित की है। तात्या ग्लोबल द्वारा विकसित उपकरण टिशू बाक्स के आकार का है तथा इसकी बैट्री २४ घंटे काम करती है इसे नाव के इंजन द्वारा भी चार्ज किया जा सकता है। उपकरण में लगे साफ्टवेयर में भारत एवं अंतर्राष्ट्रीय देशों की सीमा रिकार्ड है।