भूमि अधिग्रहण ,किसान की भूमि पर वंâपनी का कब्जा


रायपुर।छत्तीसगढ़ में जांजगीर चांपा जिले के विष्णु बघेल की जमीन पर एक निजी वंâपनी ने कब्जा कर लिया है।
उनका घर, खेत और दूसरी सारी ़जमीन पर एक वंâपनी ने कब़्जा कर लिया,उनको जानकारी दिये वगैर पुरखों की जमीन हथिया ली गई जो कि उनके परिवार की जीविका का साधन था।छत्तीसगढ़ राज्य में विष्णु जैसे किसानों की संख्या ह़जारों में है, जिन्हें एक सरकारी नोटिस ने उनकी खेती, घर, ़जमीन सबसे बेदखल कर दिया और अब उन पर औद्योगिक घरानों का कब़्जा है।अंग्रे़जों के ़जमाने में बना १८९४ का भूमि अधिग्रहण ़कानून सरकारी उपयोग के अलावा किसी को ़जमीन अधिग्रहण की इजा़जत नहीं देता था
लेकिन ९० साल बाद १९८४ में इस ़कानून में संशोधन करके `सार्वजनिक हित’ के नाम पर निजी वंâपनियों के लिए भी ़जमीन अधिग्रहण की छूट दे दी गई।इसे कुछ इस तरह समझें कि किसी औद्योगिक घराने को अगर आपकी ़जमीन, घर पसंद आ जाए तो केवल एक नोटिस जारी करके वह औद्योगिक घराना `सार्वजनिक इस्तेमाल’ के लिए आपकी ़जमीन पर कब़्जा कर सकता है, आप इसके लिए तैयार हों या न हों।