भारत में हाइड्रोजन से चलेगी रेलें


दिसंबर में हुआ ट्रायल सफल
2021 से पटरी पर दौड़ेंगे हाइड्रोजन से चलने वाले इंजन

नई दिल्ली (ईएमएस) भारत में अब जल्द ही रेल के इंजन डीजल और बिजली के स्थान पर हाइड्रोजन से चला करेंगे। चेन्नई की इंटीग्रल कोच फैक्ट्री ने देश में पहली बार हाइड्रोजन गैस से चलने वाले एंजिन का सफल ट्रायल कर लिया है। जर्मनी के बाद भारत दूसरा देश है, जिसने हाइड्रोजन से चलने वाले रेल इंजन का प्रोटोटाइप तैयार कर, इसका सफल परीक्षण किया है।
इंटीग्रल कोच फैक्ट्री के वैज्ञानिकों के अनुसार हाइड्रोजन से चलने वाले इंजन 2021 तक पटरी पर दौड़ने लगेंगे। यह एंजिन पूरी तरह प्रदूषण से मुक्त होंगे। इसके इंजन में धुआं के स्थान पर भाप निकलेगी। कोच फैक्ट्री के वैज्ञानिकों के अनुसार प्रारंभ में हाइड्रोजन गैस थोड़ा महंगी पड़ेगी। किंतु इसके प्रचलन में आने के बाद यह डीजल इंजन और बिजली से चलने वाले एंजिन की तुलना में 10 से 5 गुना सस्ती होगी।
हाइड्रोजन इंजन में एक फ्यूल टैंक होगा। टैंक में पानी डाला जाता है। पानी से रासायनिक रिएक्शन कर हाइड्रोजन गैस बनाई जाती है। ऑक्सीजन की मदद से हाइड्रोजन को नियंत्रित कर बेहतर ढंग से जलाया जाता है। इससे जो गर्मी पैदा होती है. उससे लिथियम बैटरी चार्ज की जाती है। जिससे इंजन चलता है । उन्होंने कहा एंजिन के चलने पर इस से केवल भाप निकलती है।