भारत में बंद 189 पाकिस्तानी कैदी लापता


नईदिल्ली। भारत और पाकिस्तान राजनयिकों द्वारा परस्पर सौंपी वैâदियों की सूची पर यह खुलासा हुआ कि भारत की जेलों में बंद १८९ पाकिस्तानी वैâदी लापता हो गए हैं। इनमें मछुआरों के अलावा नागरिक शामिल हैं। दोनों देशों के बीच ३१ मई, २००८ को एक समझौता हुआ था। इसके तहत दोनों देश साल में दो बार जनवरी और जुलाई में अपनी-अपनी जेलों में बंद एक-दूसरे के वैâदियों के बारे में जानकारी देते हैं। इसी के तहत दोनों देशों ने जब वैâदियों की सूची साझा की तो पाकिस्तान ने आरोप लगाया कि भारत की सूची में अंतर हैं। भारत की सूची के मुताबिक यहां की जेलों में १७ मछुआरों समेत पाकिस्तान के २७१ वैâदी बंद हैं, जबकि पाकिस्तान का कहना है कि उसके कुल ४६० वैâदी भारत में हैं। पाकिस्तान का दावा है कि भारतीय जेलों में उनके १७ नहीं बाqल्क ११३ मछुआरे बंद हैं। पाकिस्तान इस मुद्दे को २५ जनवरी को इस्लामाबाद में होने वाली भारत-पाकिस्तान के विदेश सचिवों की बैठक में उठाएगा। पिछले साल उफा में पीएम नरेंद्र मोदी और पीएम नवाज शरीफ की मुलाकात के बाद कहा गया था कि दोनों देश मछुआरों को उनकी नावों के साथ १५ दिन के भीतर रिहा कर देंगे। उस वक्त भी दोनों देशों के बीच मछुआरों की संख्या को लेकर असहमति थी।
विदेश मंत्रालय के मुताबिक दोनों देशों ने एक-दूसरे को एग्रीमेंट ऑन द प्रोहिबिशन ऑफ अटैक अगेंस्ट न्यूाqक्लयर इंस्टॉलेशन के तहत न्यूाqक्लयर इंस्टॉलेशन्स की सूची भी साझा की। दोनों देशों के बीच ३१ दिसंबर १९८८ को यह समझौता हुआ था जो २७ जनवरी १९९१ को लागू हुआ था। समझौते के तहत तय हुआ था कि दोनों देश हर साल १ जनवरी को न्यूाqक्लयर इस्टॉलेशन्स की सूची साझा करेंगे।