भारत बनेगा मिसाइल निर्यातक


बेंगलुरु ।  आने वाले दिनों में भारत मित्र देशों को मिसाइल निर्यात करने वाला देश बन सकता है. यह विश्वास रक्षा विशेषज्ञों ने प्रकट किया है. दरअसल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अमेरिका यात्रा के दौरान मिसाइल प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) में भारत के प्रवेश पर अमेरिका के साथ समझौता होने की सम्भावना है। इस कदम से अमेरिका से ड्रोन विमान खरीदने तथा अपने उच्च प्रौद्योगिकी वाले मिसाइल का मित्र देशों को निर्यात करने के भारत के प्रयासों को बल मिलेगा।
यह बड़ी सफलता भारत को उसकी इस घोषणा के बाद मिली कि बैलिाqस्टक मिसाइल प्रसार के खिलाफ वह `द हेग आचार संहिता’ को अपना रहा है। इस आचार संहिता को प्रक्षेपास्त्र प्रौद्योगिकी नियंत्रण व्यवस्था (एमटीसीआर) का पूरक समझा जाता है।
भारत ने इसकी सदस्यता के लिए पिछले साल आवेदन किया था, लेकिन एमटीसीआर के कुछ सदस्य देशों ने इसका कड़ा विरोध किया जहां निर्णय आम सहमति पर आधारित होता है। ओबामा प्रशासन ने एमटीसीआर में भारत की सदस्यता और तीन अन्य निर्यात नियंत्रण व्यवस्था ऑस्ट्रेलिया समूह, परमाणु आर्पूितकर्ता समूह और वासेनार अरेंजमेंट की सदस्यता का जोरदार समर्थन किया है।