भारत के वातावरण में बढ़ी कार्बन डाइऑक्साइड


कोलकाता । भारत के वातावरण में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ गई है। इस कारण अरब सागर की सतह के पानी में अम्लीयता की वृद्धि देखी जा रही है। इस सागर में जलीय जीव जन्तु की बहुत बड़ी संख्या है। यह जानकारी भारतीय वैज्ञानिकों की तरफ से किए गए शोध की रिपोर्ट में सामने आई है।
जानकारी के अनुसार रिमोट सेंिंसग तकनीक से इकट्ठा किए पिछले दस सालों के आंकड़ों का अध्ययन और विश्लेषण करने के बाद वैज्ञानिकों ने कहा कि यह सीधे तौर पर समुद्री सतह के ऊपर के कार्बन डाइऑक्सइड का नतीजा है। शोधकर्ताओं में से एक जाधवपुर विश्वविद्यालय के स्वूâल ऑफ ओसियनोग्राफिक स्टडीज की प्रोपेâसर सुगाता हाजरा ने आईएएनएस को बताया, `समुद्र की सतह के पानी में बढ़ी अम्लीयता कार्बन डाइआक्साइड के अत्यधिक संचयन का नतीजा है।’ इस तुलनात्मक अध्ययन में इंडियन इंस्टीटयूट ऑफ रिमोट सेंिंसग सेंटर देहरादून, द इंडियन नेशनल सेंटर फॉर ओशियन इंर्फोमेशन र्सिवस एंड द नेशनल रिमोट सेंिंसग सेंटर, हैदराबाद के वैज्ञानिक भी शामिल हुए। अरब सागर भारतीय समुद्र के उत्तरी पाqश्चमी इलाके को कहते हैं जिसका कुल क्षेत्रफल ३८,६२,००० वर्ग किलोमीटर है। उत्तर में यह ईरान और पाकिस्तान से मिलता है तो दक्षिण में यह अप्रâीका और अरब प्रायद्वीप के साथ। वहीं, पूरब में यह भारतीय प्रायद्वीप के साथ जुड़ा है। इस शोध के अंतर्गत कुल ३४,७१,००० वर्गकिलोमीटर क्षेत्र का अध्ययन किया गया। दुनिया के समुद्र प्राय: क्षारीय होते हैं, जिनका पीएच मान सात से ऊपर होता है। इससे कम होने पर पानी का खारापन कम होने लगता है और अम्लीयता बढ़ने लगती है। शुद्ध पानी न तो अम्लीय होता है और न ही क्षारीय होता है।