भारत की खाद्य सुुुरक्षा नीति का मुरीद अमेरिका


नागपुर।यूपीए सरकार द्वारा शुरू की गई खाद्य सुरक्षा योजना ने विश्व स्वास्थ्य संगठन का भी ध्यान आकर्षित किया है।संगठन ने खाद्य सुरक्षा पर ध्यान केन्द्रित करना शुरू कर दिया है।भारतीय नीतिनिर्धाकों ने सबसे पहले इस समस्या को पहचाना एवं इस संबंध में नियामन की पहल करके सबको खाद्यान्न सुनिश्चित करने के लिए योजना तैयार की गई।भारतीय मेडिकल एसोसिएशन के सिटी ब्रांच में आयोजित खाद्य सुरक्षा पर सीएमई में विशेषज्ञों ने बताया कि भारत के खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के दिशा निर्देशों ने अमेरिका में इस प्रकार की योजना के लिए प्रेरित किया है।खाद्य सुरक्षा विशेषज्ञ प्रबोध हाल्दे ने बताया कि २०२० तक भारत दुनिया का रसोंईघर बन जाएगा।विविध कृषि जलवायु परिवर्तन के साथ हम कई प्रकार के खाद्य पदार्थों का उत्पादन कर सकते हैं तथा दूध ,दाल एवं चाय के सबसे बड़े उत्पादक बन सकते हैं।