भारतीय क्रायोजेनिक इंजन का परीक्षण सफल


हैदराबाद अब भारत भी क्रायोजेनिक इंजन बनाकर आंतरिक्ष में प्रक्षेपण में सफल हो गया है। इसरो ने `क्रायो सीई २०’ इंजन का हॉट परीक्षण किया गया है जो सफल रहा है। यह परीक्षण महेंद्रगिरि के इसरो प्रोपल्सन काम्पलेक्स (आइपीआरसी) में ६४० सेवेंâड की उड़ान अवधि के लिए किया गया था।
पूरी तरह स्वदेशी क्रायोजेनिक इंजन का विकास दिसंबर महीने में होने वाले जीएसएलवी एमके३ के प्रक्षेपण के लिए एक बड़ी उपलाqब्ध है। दो अल्प अवधि परीक्षण पहले ही हो चुका है। परीक्षण के दौरान बार-बार इंजन प्रज्वलन विशेषता सामने आई और इसका प्रदर्शन भी बेहतर रहा। पिछले वर्ष भी अधिक तापमान पर यह परीक्षण सफल रहा था, अब इसे कम तापमान पर सफल बनाने की कोशिश की जाएगी। यदि सब कुछ ठीक रहा तो भारत का सबसे बड़ा रॉकेट एमके-३ अंतरिक्ष में ४ टन ब़जनी रॉकेट भेजने में सक्षम हो जाएगा।