भाजपा को रोकने अमर के करीब जा रहे मुलायम !


लखनऊ । उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव जैस-जैसे करीब आ रहे हैं। सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव का अमर प्रेम फिर सामने आने लगा है। प्र्रदेश की सियासत में माहिर मुलायम जानते हैं कि जिस प्रकार भाजपा अपना आधार बनाती जा रही है उसे रोकने अमर से बेहतर कोई व्यक्ति नहीं है। एक समय दोनो की दोस्ती काफी अच्छी थी पर बीच के दौर में अलगाव रहा। मुलायम के जन्मदिन समारोह में एक बार फिर अमर नजर आये ओर अटकलें शुरू हो गर्इं।यूपी के लोकसभा चुनाव में भाजपा के अमित शाह यूपी को जीतकर राष्ट्रीय अध्यक्ष बन बैठे। अब अमर में आस्था रखने वाले मानते हैं कि अमित शाह से मुकाबले के लिए अमर का मैदान में रहना जरूरी है। जानकार मानते हैं कि आज भी अमर िंसह हवा का रुख बदलने वाले उपाय के माहिर खिलाड़ी हैं।
लंबी बीमारी से जूझने के बाद एक बार फिर सक्रिय हुए अमर के पास भी दूसरी राह नहीं है। मुलायम भी जानते हैं कि अमर िंसह में अनिवर्चनीय योग्यता है उसे समय पर भुनाया जा सकता है। इसलिये अमर के लिये किसी भी मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और मुलायम िंसह यादव का दरवाजा हमेशा खुला रहता है। वहीं आजम खान और रामगोपाल यादव अमर िंसह की राह में रोड़ा है पर अंतिम पैâसला मुलायम का होता है। राजनीतिक पंडित मानते हैं कि अमर के पार्टी में आने से एक नई जान आएगी और यूपी की सियासत में एक नया अध्याय जुड़ेगा। हाल में अखिलेश यादव द्वारा विधान परिषद उम्मीदवारों की जो सूची जारी की गयी है, उसमें ज्यादातर वह लोग हैं जो नौवजवान हैं और उनकी अपने समाज में गहरी पैठ बतायी जाती है। अमर के विरोधी कहते हैं कि ऐसा कभी नहीं होगा क्योंकि अमर िंसह और मुलायम की दोस्ती में दरार गहरी है। राजनीतिक गलियारों में इन दिनों जोर-शोर से चर्चा है कि अमर और मुलायम फिर से दोस्त बनने जा रहे हैं। अब देखना है आगे क्या होता है।