बिहार में सबसे ज्यादा 38 फीसद शहरी पुरुष बुजुर्ग


नई दिल्ली। देश के पुरुष बुजुर्ग र्आिथक रूप से आत्मनिर्भरता के मामले में महिलाओं से कहीं आगे हैं। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में ५० फीसद से अधिक बुजुर्ग अपने जीवन यापन के लिए दूसरों पर किसी प्रकार निर्भर नहीं हैं। बिहार में सबसे अधिक ३८ फीसद शहरी बुजुर्ग पुरुष पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं। दूसरी तरफ, जम्मू-कश्मीर ऐसा राज्य है, जहां ८३ फीसद शहरी बुजुर्ग महिलाएं पूरी तरह दूसरों पर निर्भर हैं। वेंâद्रीय साांqख्यकी और कार्यक्रम क्रियान्वयन मंत्रालय की एक ताजा रिपोर्ट के मुताबिक, करीब ७.३ करोड़ लोग गांवों में रहते हैं। शहरी इलाकों में देश की बुजुर्ग आबादी का मात्र २९ फीसद हिस्सा ही रहता है। शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में रहने वाले बुजुर्गों में महिलाओं और पुरुषों का समान हिस्सा पूरी तरह दूसरों पर निर्भर है। पुरुष और महिला बुजुर्ग आबादी का राज्यवार अध्ययन करें तो बिहार में सबसे ज्यादा ३८ फीसद शहरी पुरुष बुजुर्ग हैं, जो परिवार या अन्य लोगों पर पूरी तरह निर्भर हैं। हिमाचल प्रदेश में ऐसे बुजुर्ग पुरुषों की हिस्सेदारी सबसे कम २० फीसद है। बुजुर्ग महिलाओं का जहां तक सवाल है, देश के शहरों में सबसे अधिक ८३ फीसद बुजुर्ग महिलाएं जीवन यापन के लिए दूसरों पर निर्भर हैं। जबकि इस मामले में सबसे बेहतर आंकड़ा हरियाणा का है। यहां ५० फीसद शहरी बुजुर्ग महिलाएं दूसरों पर पूरी तरह निर्भर हैं।
जहां तक ग्रामीण क्षेत्रों का सवाल है, तो केरल के पुरुष बुजुर्गों के पूरी तरह निर्भरता के मामले में सबसे आगे हैं। यहां बुजुर्गों की कुल आबादी का ४३ फीसद हिस्सा जीवन यापन के लिए दूसरों पर पूरी तरह निर्भर है। जबकि दूसरों पर पूरी तरह निर्भरता के मामले में सबसे कम ग्रामीण पुरुष बुजुर्ग २१ फीसद जम्मू-कश्मीर में रहते हैं। उत्तर प्रदेश की ाqस्थति भी इस मामले में काफी खराब है। राज्य में ग्रामीण और शहरी इलाकों की ७७-७७ फीसद बुजुर्ग महिलाएं अपने जीवन यापन के लिए दूसरों पर पूरी तरह निर्भर हैं। जबकि पुरुषों के मामले में यह आंकड़ा गांवों में २८ फीसद और शहरों में २९ फीसद का है