बिहार में शराब का विकल्प बनेगा नीरा


पटना । बिहार में शराब का विकल्प बनाने के लिए नीरा का सहारा लिया जा रहा है। गोवा की पेâनी की तर्ज पर उत्पाद को प्रोत्साहित किया जाएगा। इसके लिए सरकार ने अपनी तरफ से तैयारियां शुरू कर दी है। निर्णय शराबबंदी के बाद उत्पन्न होने वाली बेरोजगारी से निपटने के लिए लिया जा रहा है।
जानकारी के अनुसार नीरा ताड़ के पेड़ से मिलने वाला नशाविहीन तरल पदार्थ है। चालू वित्तीय वर्ष के अंत तक नीरा के कई रूप बाजार में आ सकते हैं। जून में घोषित होने वाली उद्योग नीति में सरकार इसकी योजना ला सकती है। उद्योग मंत्री जयकुमार िंसह के अनुसार ताड़ी से जुड़े लोगों पर शराबबंदी के पैâसले का असर नहीं पड़े, इसके लिए सरकार नीरा की प्रोसेिंसग, पैकेिंजग व मार्वेâिंटग की कार्य-योजना को लेकर गंभीर है। मंत्री ने कहा नीरा का सीजन चार महीने तक रहता है, लेकिन सरकार की योजना है कि इसके बाद भी इसे प्रोसेस कर अन्य खाद्य पदार्थ बनाए जा सवेंâ। नए वित्तीय वर्ष से पहले नीरा और इसके उत्पाद बिहार के बाजार में उतारे जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार पेâनी की तर्ज पर नीरा की प्रोसेिंसग कर इसके विभिन्न नशाविहीन उत्पादों के निर्माण को प्रोत्साहन देगी। पेâनी गोवा का देसी नशीला पेय है, जिसे वहां की सरकार संरक्षण दे रही है। बिहार सरकार इसी तर्ज पर नीरा को संरक्षण देगी, लेकिन इससे नशीले उत्पादों का निर्माण नहीं होने देगी।