बिहारः इस स्कूल में तीन साल से लागू है ऑड-ईवन


एक दिन छात्र और दूसरे दिन छात्रा आती है स्कूल-
छपरा। राष्ट्रीय राजधानी में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए १५ दिन के लिए ऑड-इवन फॉर्मूला लागू किया गया था लेकिन बिहार के एक स्वूâल में यह फॉर्मूला पिछले तीन साल से लागू है। बिहार के सारण जिले के बनियापुर प्रखंड के कन्हौली उच्च विद्यालय में एक दिन लड़के और एक दिन लड़कियों की पढ़ाई होती है। इस स्वूâल में छात्र-छात्राओं की कुल संख्या ३,२८१ है। इसमें उच्च विद्यालय के अलावा ११ वीं में २५० छात्रों की संख्या शामिल है, जबकि पढ़ाई के लिए मात्र १२ कमरे हैं। यहां कुल शिक्षकों की संख्या २० है। आंकड़ों के हिसाब से एक शिक्षक पर लगभग १५० छात्रों का दायित्व है।
स्वूâल प्रशासन भी इस व्यवस्था को गलत नहीं मानता है। स्वूâल के प्रधानाध्यापक श्रीप्रकाश िंसह कहते हैं ‘यहां जब से ११वीं की पढ़ाई को स्वीकृति मिली तब से लगातार भवन निर्माण और अतिरिक्त शिक्षकों की मांग की जा रही है। लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस कारण मजबूरी में यह व्यवस्था लागू की गई है।’ स्वूâल प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था को लेकर भले ही विद्र्यािथयों की उपाqस्थति को लेकर समस्या आती हो लेकिन पाठ्यक्रम को लेकर कोई समस्या नहीं होती। इस व्यवस्था से साल में छात्र-छात्राओं की छह-छह महीने पढ़ाई हो पाती है। प्रधानाध्यापक कहते हैं कि सिलेबस कभी अधूरा नहीं रहता। इसे पूरा करा दिया जाता है। इधर, सारण के जिला शिक्षा अधीक्षक (डीईओ) चंद्रशेखर पाठक मानते हैं कि किसी भी स्वूâल के लिए यह व्यवस्था सही नहीं है। हालांकि वे यह भी मानते हैं जल्द ही कन्हौली उच्च विद्यालय में शिक्षकों की संख्या बढ़ाई जाएगी और भवन निर्माण के लिए भी उचित कदम उठाया जाएगा।