बारहवीं के गणित प्रश्न पत्र का मामला लोकसभा में उठा


– सीबीएसई ने कहा छात्रों को राहत देंगे
नई दिल्ली। इस साल बारहवीं कक्षा की गणित की परीक्षा का प्रश्न पत्र बहुत कठिन होने और कथित रूप से किसी षडयंत्र के तहत एक दिन पहले इसके लीक भी किए जाने के मामला आज लोकसभा में उठा और सरकार ने कहा कि मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी को मामले की जांच करानी चाहिए। वहीं सीबीएसई ने कहा कि इस मामले में छात्रों को राहत देंगे ओर काफी जांचने से पहले शिक्षकों की राय ली जाएगी। वहीं कुछ सदस्यों ने गणित की परीक्षा को दोबारा कराने की भी मांग की। आरएसपी के एनके प्रेमचंद्रन ने शून्यकाल के दौरान इस मामले को उठाते हुए कहा कि १४ मार्च को सीबीएससी छात्रों के लिए बारहवीं कक्षा के लिए हुई गणित की परीक्षा बहुत कठिन थी और गणित में अच्छी पकड़ रखने वाले छात्रों में से भी अधिकतर ८० फीसदी प्रश्नों का उत्तर नहीं दे सके। उन्होंने कहा कि ऐसी भी खबरें हैं कि कुछ क्षेत्रों में यह प्रश्नपत्र लीक भी हुआ। कांग्रेस के केसी वेणुगोपाल ने कहा कि प्रश्नपत्र कठिन होने के साथ ही यह लीक भी हुआ। उन्होंने कहा कि इससे किसी षडयंत्र का आभास होता है। भाजपा के रमेश बिधूड़ी ने आरोप लगाया कि यह प्रश्नपत्र बनाने वाले संप्रग के समय नियुक्त किए गए लोग हैं। सत्ता पक्ष के इस सदस्य ने यह आरोप भी लगाया कि भारतीय छात्रों की प्रतिभा दबाने के अमेरिकी दबाव के चलते संप्रग सरकार ने आठवीं कक्षा तक के हर छात्र को उत्तीर्ण करने की नीति बनाई। उन्होंने कहा कि इसके चलते छात्रों में पढ़ने के प्रति अरुचि आई। सदन में कांग्रेस के नेता मलिकार्जुन खड़गे ने इसका प्रतिवाद करते हुए कहा कि राजग सरकार दो साल से सत्ता में है और इसके बावजूद इस महीने हुए परीक्षा तक के लिए संप्रग पर आरोप लगाये जा रहे है।