बहुत जल्द होगा कैबिनेट विस्तार


-चार नए मंत्री हो सकते है शामिल
नई दिल्ली । बहुत जल्द अपना पहला कैबिनेट विस्तार करने जा रही है। खबर है कि कैबिनेट रैंक पर चार नए मंत्री शामिल किए जाने की तैयारी है। वहीं कई मंत्रियों के विभाग में भी फेरबदल हो सकती है। इसे लेकर विधायकों और बीजेपी आलाकमान के बीच लॉबिंग भी जोरों शोरों से हो रही है। आलम ये है कि चार पदों के लिए दर्जन से ज्यादा विधायक जोर आजमाइश में जुटे हैं। लॉबी करने वाले विधायकों में मनीष ग्रोवर, विपुल गोयल, लतिका शर्मा, जियान चंद गुप्ता, कमल गुप्ता, घनश्याम शारफ और नायब सिंह सैनी के नाम सामने आ रहे हैं। हरियाणा विधानसभा के उपाध्यक्ष पद कि लिए भी पैरवी तेज है। डिप्टी स्पीकर के पद पर विधायक कृषन पंवार और भगवान दास चक्कर लगा रहे हैं। सूत्रों के अनुसार विधानसभा अध्यक्ष कंवर पाल गुज्जर मंत्री बनाए जा सकते हैं। यानी बहुत जल्द अध्यक्ष पद पर भी कोई नया चेहरा काबिज हो सकता है। हालांकि मंत्रियों पर आखिरी फैसला पार्टी आलाकमान करेगी। सूत्रों के अनुसार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पानीपत दौरे के बाद और आम बजट से पहले कैबिनेट विस्तार हो सकता है। २२ जनवरी को पीएम मोदी बच्चियों की सुरक्षा के लिए एक योजना का शुभारंभ करने वाले हैं। मार्च के बाद जब बीजेपी का सदस्यता अभियान पूरा हो जाएगा, तब सभी कॉर्पाेरेशन, बोर्ड और चीफ पार्लियामेंट्री सेक्रेटरी के पदों को भरा जाएगी।

हाईटेक होगी मोदी वैâबिनेट !
० टैबलेट लेगा पेपर की जगह
नईदिल्ली। ‘डिजिटल इंडिया’ वैंâपेन के दौरान ऑनलाइन माध्यम पर मोदी सरकार अब हाईटेक सरकार बनने की राह पर है। सूत्रों के अनुसार सरकार अपने मंत्रियों और वरिष्ठ अधिकारियों को टैबलेट से लैस करने जा रही है ताकि वैâबिनेट की बैठकों में पेपर का इस्तेमाल बंद किया जा सके।
गौरतलब है कि मोदी ने ‘डिजिटल इंडिया’ वैंâपेन के दौरान भी ऑनलाइन माध्यम पर जोर दिया था। वैâबिनेट की बैठकों के निपटारे के लिए एक एप्प भी बनाया जाएगा जिसे ई-वैâबिनेट का नाम दिया जाएगा। इस पोर्टल में बैठकों से संबंधित तमाम विवरण होंगे। सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने इस प्रस्ताव पर कानून मंत्रालय से राय भी मांगी है। अगर सब कुछ योजना के मुताबिक हुआ तो अगले ६ से ८ महीनों में वैâबिनेट मीिंटग पूरी तरह ई-वैâबिनेट मीिंटग में तब्दील हो जाएगी। आंध्र प्रदेश देश का पहला राज्य था जिसने मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू के नेतृत्व में ऐसी पहल की थी। इस प्रस्तावित पोर्टल में सभी नेताओं और अधिकारियों को पासवर्ड और आईडी दी जाएगी। हालांकि सरकार अभी इस प्रस्ताव में सुरक्षा संबंधित तमाम खतरों पर प्रयोग कर रही है।वैâबिनेट सचिव अजीत सेठ ने कहा वैâबिनेट नोट गुप्त दस्तावेज होते हैं इसलिए सुरक्षा के तमाम उपाय अपनाने के बाद ही हम इस प्रस्ताव को पारित करेंगे। इसके अलावा कुछ मंत्री जो तकनीक के साथ सहज नहीं हैं उन्हें पहले ट्रेिंनग भी देनी होगी। ऐसे मंत्रियों के लिए विशेष ट्रेिंनग के इंतजाम किए जाएंगे।