बसंत और गर्मी में डोमेन नेम हाईजैकिंग के सर्वाधिक मामले


नई दिल्ली। डोमेन नेम हाइजेविंâग दो मौसम में सबसे ज्यादा होती है। यह हैं बसंत और गर्मी के मौसम। दूसरा तथ्य यह भी है कि इसमें भारत पांचवें नम्बर का देश है जिसमें डोमेन नेम हाइजेविंâग होते हैं। यह तथ्य एक ऑनलाइन वंâपनी के सर्वे रिपोर्ट में सामने आया है।
जानकारी के अनुसार साइबर हमले का निशाना बनने वालों में भारत पांचवां सबसे बड़ा देश रहा। फिनलैंड की ऑनलाइन सुरक्षा और गोपनीयता वंâपनी एफ-सिक्योर की रिपोर्ट के मुताबिक २०१५ में हाईजेक के सर्वाधिक मामले क्रमश: इटली, पोलैंड, मिस्र, स्वीडन और भारत में दर्ज किए गए। रिपोर्ट में बताया गया साइबर हमले में डोमेन नेम सिस्टम (डीएनएस) हाइजैक किस्म के काफी हमले हो रहे हैं। २०१५ के बसंत और ग्रीष्म के मौसम में और खासकर अप्रैल से अगस्त के बीच ये हमले काफी अधिक दर्ज किए गए। डीएनएस हाइजेक का मकसद अपने शिकार का डीएनएस कनफिगरेशन बदल देना है, ताकि उसके इंटरनेट ट्रैफिक पर नजर रखा जा सके और उसमें बदलाव किया जा सके। रिपोर्ट के मुताबिक कमजोर पासवर्ड और मलवेयर से ऐसे हाइजेक आसान हो जाते हैं। डीएनएस हाइजैक प्रणाली के माध्यम से हमलावर एक साथ अनेक शिकारों से संपर्वâ साध सकते हैं। एफ-सिक्योर ने हाल में अभिभावकों को बच्चों के लिए बनाए गए इंटरनेट ऑफ िंथग्स (आईओटी) खिलौने से संबंधित जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की है।