बच्चों और वृद्धों को स्वाइन फ्लू से अधिक खतरा


धर्मशाला। कमजोर शरीर में किसी भी बीमारी के पैâलने का खतरा अधिक होता है।स्वास्थ विशेषज्ञों के मुताबिक स्वाइन फ्लू की बीमारी बच्चों एवं वुजुर्गों को अधिक तेजी से संक्रमित करती है।एच१एन१ वायरस की चपेट में आने वाले व्यक्ति को सांस की बीमारी हो जाती है। तेज खांसी इस बीमारी के प्रमुख लक्ष्णों में एक है। वायरस के शरीर में प्रवेश करते ही थकान महसूस होने लगती है। भूख कम लगती है और आदमी के अंदर उदासीन व्यवहार जन्म ले लेता है। यह बीमारी छींक और संक्रिमत हाथों के जरिए एक दूसरे में पैâलती है। टीएमसी के विशेषज्ञ चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी बुर्जुर्गों और बच्चों को अपना शिकार अधिक बनाती है। चिकित्सकों का कहना है कि यह बीमारी खाद्य पदार्थों से नहीं पैâलती है।उधर, वेंâद्रीय स्वास्थ्य विभाग ताजा सूचना के मुताबिक एच१एन१ से ग्रसित रोगियों की मौत का आंकड़ा १९१ के करीब है। जनवरी २०१४ में हुई मौतों के मुकाबले इस साल आंकड़ा काफी अधिक है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि र्सिदयों के मौसम के चलते इस बीमारी का संक्रमण तेजी से पैâलता है। लिहाजा हिमाचल में स्वाइन फ्लू के मामलों की पुाqष्ट होने के बाद इसके दूसरे लोगों में संक्रमण की संभावनाएं अधिक हैं। उधर, स्वास्थ्य विभाग के निर्देश पर राज्य के दोनों मैडीकल कालेजों ने प्रदेश के सभी अस्पतालों को अपने संपर्वâ कमें लिया है। लोगों से अपील की गई है कि अगर किसी में बीमारी के दिखें तो मरीज को तत्काल अस्पताल में जांच कराएं।