फ्लाइट रद्द हुई तो एयरलाइन्स देगा 20 हजार मुआवजा


– सीएआर में किया बदलाव, १ अगस्त से होगा लागू
नई दिल्ली। फ्लाइट रद्द होने पर अब एयरलाइन्स को अधिक मुआवजा देना पड़ेगा। सीट से ज्यादा बुिंकग करने और इसके बाद बोा\डग से मना कर देने पर अब एयरलाइंस को २०,००० रुपए तक हर्जाना देना होगा। पहले यह सीमा ४००० रुपए थी। हालांकि उड़ान में देरी की ाqस्थति के लिए किसी तरह के हर्जाने का प्रावधान नहीं किया गया है। नागर विमानन महानिदेशालय ने सिविल एविएशन रिक्वायरमैंट्स (सीएआर) में बदलाव किया है जो १ अगस्त से लागू हो जाएगा। इसके अनुसार यदि एयरलाइंस बोा\डग से मना करने के बाद एक घंटे के भीतर की दूसरी उड़ान में यात्री को सीट मुहैया करवा देती है तो उसे कोई हर्जाना नहीं देना होगा।
यदि तय समय से एक घंटे के बाद लेकिन २४ घंटे से पहले की किसी उड़ान में वह सीट उपलब्ध करवाती है तो मूल किराया और र्इंधन सरचार्ज का २०० प्रतिशत हर्जाना देना होगा। हालांकि यह राशि अधिकतम १०,००० रुपए होगी। यदि वैकाqल्पक उड़ान २४ घंटे के बाद उपलब्ध करवाई जाती है तो उस ाqस्थति में हर्जाना मूल किराए और र्इंधन सरचार्ज का ४०० प्रतिशत होगा। यह हर्जाना राशि २०,००० रुपए से अधिक नहीं होगी। १ अगस्त से लागू होने वाली नई गाइडलाइन्स के तहत अगर किसी एयरलाइन का विमान ब्लॉक आवर से घंटे तक लेट होता है तो एयरलाइन पैसेंजर को ५ हजार रुपए या एक तरफ का बेसिक किराया (इनमें से जो कम हो) फ्यूल चार्ज के साथ अदा करेगी। एक घंटे से दो घंटे के बीच अगर फ्लाइट लेट होती है तो मुआवजे के रूप में ७५०० रुपए मिलेंगे। वहीं अगर फ्लाइट दो घंटे से ज्यादा देरी से चलती है तो एयरलाइन १० हजार रुपए चुकाएगी।