फेल हुआ वित्तमंत्री, गंभीर हो सकते हैं परिणाम : चिदंबरम


नई दिल्ली (ईएमएस)। गुरुवार को मोदी सरकार का अंतिम पूर्णकालीक बजट वित्तमंत्री अरुण जटेली ने पेश किया। इस बजट के बाद जहां पीएम मोदी और भाजपा सरकार किसान और गरीबों के हित में बताया। वहीं मुख्य विरोधी दल कांग्रेस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी। पूर्व वित्तमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने गुरुवार को कहा कि 2018-19 के बजट में वित्तमंत्री अरुण जेटली राजकोषीय मजबूती की परीक्षा में अनुत्तीर्ण हुए हैं और इसके गंभीर परिणाम सामने आएंगे। उन्होंने कहा कि 2017-18 के लिए राजकोषीय घाटे का लक्ष्य सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.2% पर रखा गया था,लेकिन इसके 3.5% पर पहुंचने का अनुमान है। जेटली के बजट भाषण खत्म करने के बाद अपनी प्रतिक्रिया में चिदंबरम ने कहा,वित्त मंत्री राजकोषीय मजबूती की परीक्षा में विफल रहे हैं और इसके गंभीर परिणाम होंगे। वित्तमंत्री अरुण जेटली के पेश बजट में सरकार ने स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए आयातित टीवी पैनलों पर आयात शुल्क 7.5 प्रतिशत से दोगुना कर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया है। इसके बाद एलसीडी-एलईडी टीवी सेट महंगे हो जाएंगे। इसके अलावा मोबाइल फोन पर भी सीमा शुल्क 15 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया गया है। वित्तमंत्री अरुण जेटली ने अपने बजट भाषण में कहा कि एलसीडी-एलईडी-ओएलईडी टीवी के कलपुर्जों पर सीमा शुल्क को बढ़ाकर 15 प्रतिशत किया जा रहा है। इसका मकसद स्थानीय विनिर्माण को प्रोत्साहन देना है।
जेटली ने कहा,मैं मोबाइल फोन पर सीमा शुल्क को 15 से बढ़ाकर 20 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करता हूं। इसके अलावा मोबाइल फोन के कुछ कलपुर्जों और एक्ससरीज तथा टीवी के कुछ कलपुर्जों पर सीमा शुल्क बढ़ाकर 15 प्रतिशत करने का प्रस्ताव करता हूं।उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्रों मसलन खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, वाहन कलपुर्जे, फुटवियर तथा फर्नीचर जैसे क्षेत्रों में घरेलू स्तर पर मूल्यवर्धन की काफी गुंजाइश है।जेटली ने कहा कि इन उपायों से देश में रोजगार के अवसर बढ़ने की बात कही है।
वित्तमंत्री अरुण जेटली ने आम चुनाव से पहले भाजपा नीत राजग सरकार के अपने अंतिम पूर्ण बजट में एक तरफ खेतीबाड़ी,ग्रामीण बुनियादी ढांचे,सूक्ष्म एवं लधु उद्यमों तथा शिक्षा एवं स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए खजाना खोलकर आम लोगों को लुभाने का प्रयास किया,वहीं वेतन भोगी लोगों और वरिष्ठ नागरिकों को कर और निवेश में राहत देने की भी घोषणाएं की। वित्तमंत्री ने हालांकि आयकर दरों और स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया पर वेतनभोगियों के लिए 40,000 रुपए वार्षिक की मानक कटौती की जरूर घोषणा की। इसके बाद इस वर्ग के करदाताओं को कुल मिलाकर 8,000 करोड़ रुपए का फायदा होने का अनुमान है।

बजट को कांग्रेस ने बताया जुमलानॉमिक्स तो योगी ने दी बधाई

नई दिल्ली (ईएमएस)। गुरुवार को वित्तमंत्री अरुण जेटली ने लोकसभा में अपनी का अंतिम पूर्णाकालीक आम बजट पेश किया। जिसके बाद विपक्ष से लेकर तमाम राजनीतिक पार्टियों के नेताओं की प्रतिक्रिया आना शुरू हो गई है। बता दें कि सदन की कार्यवाही समाप्त होने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी संसद से जाते वक्त बजट पर कुछ नहीं जबाव दिया। जिसके बाद सत्ताधारी पार्टी उन पर निशाना साध रही है। वहीं कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सिंह सुरजेवाला ने ट्वीट कर इस बजट को जुमलानॉमिक्स करार दिया है। मतलब की इस बीजेपी सरकार का जुमला करार देने का प्रयास किया है।
इस बजट पर सभी दलों के नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की, इसमें कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसे सिर्फ एक चुनावी बजट करार दिया।समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि,ये बजट महिलाओं,नौकरीपेशा और आम लोगों पर तमाचा है। वहीं आप नेता संजय सिंह ने कहा ये सिर्फ जुमला बजट है,इस पकौड़ा बजट भी कह सकते हैं। वहीं अल्पेश ठाकुर ने बयान देकर कहा कि भाजपा के घोषणा पत्र की ही तरह है ये बजट है। भाजपा शासित राज्य झारखंड सीएम रघुवरदास ने कहा कि ये बजट समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर बनाया गया है,निश्चित तौर पर 2022 तक नया भारत देखने को मिलेगा। केन्द्रीय मंत्री प्रकाश जावेड़कर ने कहा यह एक क्रांतिकारी बजट है। वहीं भाजपा के भगवा बिग्रेड के नेता उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बजट की तारीफ की।