फिल्म पद्मावत विवाद: अम्मू के प्रोडक्शन वारंट को लेकर पुलिस के हाथ खाली


नई दिल्ली (ईएमएस)। दिल्ली से सटे गुरुग्राम के न्यायिक हिरासत में चल रहे करणी सेना के राष्ट्रीय महासचिव सूरजपाल सिंह अम्मू को पुलिस प्रोडक्शन वारंट पर नहीं ले सकी। भोंडसी जेल में देर रात उनकी तबीयत अचानक खराब हो गई, उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई है। अम्मू को जिला नागरिक अस्पताल में भर्ती कराया गया। वह डायबिटीज के मरीज हैं। परेशानी बढऩे पर उन्हें रोहतक पीजीआइ के लिए रेफर किया। अब पुलिस तबीयत ठीक होने के बाद ही प्रोडक्शन वारंट पर लेगी। फिल्म पद्मावत के खिलाफ गांव भोंडसी के सामने सोहना रोड पर बसों में की गई तोडफ़ोड़ व आगजनी के बारे में एसआइटी अम्मू को प्रोडक्शन वारंट पर लेना चाहती है। जिला नागरिक अस्पताल के कार्यवाहक प्रधान चिकित्सा अधिकारी डॉ. ब्रह्मïदीप सिंधू का कहना है कि अम्मू की परेशानी को देखते हुए रेफर किया गया है। फिल्म के विरेाध में हुए उपद्रवों की जांच के लिए गठित एसआइटी के सदस्य व मानेसर इलाके के सहायक पुलिस आयुक्त धर्मबीर ने बताया कि अम्मू के ठीक होने के बाद फिर से प्रोडक्शन वारंट पर लेने की कार्यवाही शुरू की जाएगी। कोलकाता पुलिस द्वारा अम्मू को प्रोडक्शन वारंट पर लेने के लिए गुरुग्राम पुलिस से संपर्क करने के सवाल पर धर्मबीर ने कहा कि उन्हें इस बारे में कोई जानकारी नहीं है।
करणी सेना के महासचिव सूरजपाल अम्मू को 29 जनवरी तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। अम्मू के वकील अौर बेटे अनिरुद्ध का दावा है कि जेल के अंदर अम्मू की हत्या हो सकती है। अनिरुद्ध ने कहा कि गिरफ्तारी के बाद रातभर अम्मू को थाने में थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। इतना ही नहीं जेल में जाने के बाद भी उनको थर्ड डिग्री टॉर्चर किया जा रहा है। उन्होंने गैंगस्टर को सलाखों के पीछे पहुंचाया है और अब वे जेल में उनके पिता की हत्या कर सकते हैं। जेल में बढ़ी गैंग के लोगों से अम्मू को ख़तरा है। वे उन्हें परेशान कर सकते हैं। वो चाहते हैं कि उनके पिता को जेल में सुरक्षा दी जाए ताकि उनकी जान को किसी तरह का खतरा ना हो। सूरजपाल अम्मू शुगर के मरीज है और जब उनका परिवार उनको जेल में दवाई देने गया तो जेल प्रशासन की तरफ से दवाई देने से भी मना कर दिया। इससे साफ है कि प्रशासन भी कहीं न कहीं मिला हुआ है।