फिर उठा 370 मुद्दा, `सीएमपी’ के लिये जुटे भाजपा-पीडीपी


नईदिल्लीr। जम्मू कश्मीर में साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) के लिए भाजपा और पीडीपी के जद्दोजहाद करने के बीच आरएसएस ने राज्य को विशेष दर्जा देने वाले अनुच्छेद ३७० पर बुधवार को सवाल उठाया जिससे कश्मीरी पार्टी में बेचैनी पैदा हो गई। भाजपा ने कहा कि व्यापक सीएमपी के लिए यथासंभव कोशिशें की जा रही हैं लेकिन उन्होंने नयी सरकार के गठन के लिए कोई समय सीमा देने से इनकार कर दिया क्योंकि अनुच्छेद ३७० और अफ्सपा के विवादास्पद मुद्दों पर इन दोनों के बीच मतभेद कायम है। पिछले हफ्ते ये अटकलें लगाई जा रही थी कि २३ फरवरी को संसद का बजट सत्र शुरू होने से पहले पीडीपी-बीजेपी सरकार गठित हो जाएगी। जम्मू-कश्मीर में एक गठबंधन सरकार के लिए दोनों ही र्पािटयों का कहना है कि एक व्यापक साझा न्यूनतम कार्यक्रम के लिए वार्ता जारी है, वहीं आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारी सदस्य इंद्रेश की टिप्पणी ने पीडीपी खेमे को यह दोहराने के लिए उकसा दिया कि वह अनुच्छेद ३७० और `अफ्सपा’ जैसे मुद्दों पर तनिक भी नहीं झुकेगी। इंद्रेश ने कहा कि दोनों र्पािटयों के बीच भाईचारा बढ़ रहा है और इस प्रक्रिया के दौरान कुछ सवाल उठेंगे जिनका हल किया जा जाएगा तथा एक बार जब प्रक्रिया पूरी हो जाएगी तब `यह अधिक बेहतर होगी।” उन्होंने यह भी कहा, “क्या आप एक अलग देश द्वारा विकास, ध्वज, नागरिकता या अलग संविधान पाएंगे?” उनके इस बयान से पीडीपी के कई नेता नाराज हो गए हैं। उन्होंने कहा कि आज जम्मू कश्मीर के नागरिकों को दिल्ली की ओर देखना चाहिए न कि इस्लामाबाद की ओर। उन्हें बैलेट का इस्तेमाल करना चाहिए न कि गोली का। विधानसभा में पीडीपी और भाजपा के क्रमश: २८ और २५ विधायक है।भाजपा के लिए राज्य में समस्या संभवत: इसलिए भी बढ़ गई कि आरएसएस अनुच्छेद ३७० और समान नागरिक संहिता पर पार्टी के संभावित समझौते से नाराज है। पार्टी की ओर से वार्ता का नेतृत्व कर रहे भाजपा महासचिव राम माधव ने संवाददाताओं से कहा कि भाजपा और पीडीपी, दोनों ही र्पािटयां राज्य में सरकार गठन के लिए कोशिश कर रही है लेकिन उन्होंने इसके लिए कोई समय सीमा बताने से इनकार कर दिया।माधव ने कहा, “जहां तक संभव है एक व्यापक सीएमपी के लिए कोशिशें जारी हैं।” उन्होंने संघ से उठती आवाजों के बारे में भाजपा और आरएसएस के बीच मतभेद को तवज्जो नहीं देने की भी कोशिश की और कहा कि हम प्रत्येक से बात कर रहे हैं चाहे यह संघ हो या राज्य से जुड़ी अन्य पार्टी हो।समझा जाता है कि पीडीपी का रूख सख्त होते देख प्रदेश भाजपा इकाई के नेताओं ने चक्रीय आधार पर मुख्यमंत्री पद रखने की मांग उठाई है। नेकां के प्रवक्ता ने इंद्रेश की टिप्पणी पर पीडीपी को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि ये वे लोग हैं जिनके साथ पीडीपी के संस्थापक मुफ्ती मोहम्मद सईद छह साल के मुख्यमंत्री पद के लिए बात कर रहे हैं। सरकार गठन की अटकलों के बीच वेंâद्रीय मंत्री जितेन्द्र िंसह ने राज्यपाल एनएन वोहरा से मुलकात की हालांकि भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का कहना है कि मुलाकात का उद्देश्य प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करना था। मूलभूत विचारधारा पर पीडीपी को भाजपा की ओर से रियायत की पेशकश किए जाने को लेकर आरएसएस द्वारा दिखाई जा रही कथित नाराजगी पर टिप्पणी करने को कहे जाने पर उन्होंने कहा, “मैं इस मुद्दे पर कुछ नहीं बोल सकता क्योंकि इन मुद्दों के लिए मैं अधिकृत नहीं हूं।”