प्रयाग माघ स्नान शुरू, लाखों लोगों ने लगाई गंगा में डुबकी


इलाहाबाद। संगम में शुरू हुई इलाहाबाद माघ मेले में सोमवार से श्रद्धालुजन बड़ी संख्या में पहुंचने लगे हैं।इसके लिए प्रशासन द्वारा माघ मेला परिसर की निगरानी के लिए तीन दर्जन सीसीटीवी वैâमरे लगाए गए हैं। इनके अलावा ड्रोन के जरिए भी निगरानी की योजना है। यही नहीं जल पुलिस भी बोट के जरिए संगम में तैनात होगी। गौरतलब है कि स्नान और पूजा-पाठ में शामिल होने के लिए तीर्थयात्री संगमस्थल पहुंचते हैं, लेकिन कुछ लोग यहीं पर महीने भर के लिए रुकते है। ये लोग संगम किनारे कल्पवास के दौरान रोजमर्रा की भागदौड़ से वक्त निकालकर यहां शांति का जीवन बिताते हैं। इस दौरान उन्हें काम, क्रोध, मोह, माया से दूर रहने का संकल्प लेना होता है। र्धािमक मान्यताओं के मुताबिक कल्पवास करने वाले साधक को ब्रह्मा की तपस्या करने के बराबर फल मिलता है। माघ मेले की छोटी-छोटी कुटियों में एक अलग ही दुनिया बसती है। शांति की तलाश में अलग-अलग जगहों से आकर लोग यहां एक परिवार की तरह रहते हैं । एक महीने के लिए आए लोग मोक्ष की उम्मीद के साथ साधारण जीवन व्यतीत करते हुए भक्ति में लिप्त रहते हैं। एक दिन में तीन बार स्नान करते हैं और २४ घंटे में एक ही बार भोजन करते हैं।
कल्पवास में उन्हे काम, क्रोध, मोह, माया से दूर रहने का संकल्प लेना होता है। कल्पवासियों के लिए ये एक महीना बेहद अहम है। क्योंकि इसके बाद उन्हें एक बार फिर सांसारिक कामों में लग जाना है। इसलिए ध्यान, दान और पुण्य कमाने के इस मौके को हर तरीके से आत्मसात करने में जुटे हैं।
मेला एरिया पर सुरक्षार्किमयों की कड़ी नजर होगी। मेला एरिया में २६ हाई रिजॉल्यूशन क वैâमरे लगाए गए हैं। पुलिस ने शहर में भी मेला के मद्देनजर सीसीटीवी वैâमरे लगाए हैं। मेला क्षेत्र में बकायदा हाईटेक वंâट्रोल रूम बनाया गया है। साथ ही ड्रोन से मेले की निगरानी की भी योजना है।ड्रोन का सीधा िंलक वंâट्रोल रूम से होगा।पुरातनकाल से हर साल माघ मेले का आयोजन होता आया है, लेकिन वक्त के साथ सुरक्षा की चुनौतियां भी बड़ी हुई हैं। सुरक्षा तब तक पुख्ता नहीं होती जब तक खुफिया सूचनाओं, खुफिया एजेंसियों और सुरक्षा एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल ना हो। इस पूरे मेला क्षेत्र में यही तालमेल एक दीवार का काम करती है। इस दीवार में आज तक कोई सेंध नहीं लगी है। अब जबकि तमाम तरह के आतंकी एलर्ट हैं तो इस दीवार को और मजबूत बनाने की जरूरत है।

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इलाहाबाद। संगम नगरी में पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर लाखों श्रद्धालुओं ने सोमवार को पवित्र संगम में डुबकी लगाई। माघ मेले के पौष पूर्णिमा स्नान पर्व पर करीब दस लाख श्रद्धालुओं ने त्रिवेणी में डुबकी लगाई। श्रद्धालुओं के स्नान का तड़के चार बजे से शुरू हुआ और अभी जारी है। मेला प्रशासन ने अनुमान लगाया था कि पौष पूर्णिमा पर करीब २५ लाख श्रद्धालु संगम तट पर स्नान करेंगे। उधर, प्रमुख स्नान घाट संगम नोज को एंटी टेररिस्ट स्क्वायड (एटीएस) के हवाले कर दिया गया है। एक एसपी और एक एएसपी के नेतृत्व में आरएएफ की दो और पीएसी की नौ कंपनिया मेले की सुरक्षा कमान संभाल रहे हैं। मेला क्षेत्र में यातायात प्रतिबंधित कर दिया गया है।
वहीं संतों ने आरोप लगाया है कि शासन ने उनके साथ धोखा किया है। नरौरा से छोड़ा गया ढाई हजार क्यूसेक पानी संगम तट पर नहीं पहुंचा। इससे इतर कल्पवासियों ने संगम तट पर हर-हर गंगे के नाद के साथ अपने कल्पवास का श्रीगणेश किया। इसी के साथ उनका आज से कल्पवास का व्रत शुरू हुआ और अब वह प्रतिदिन तीन समय गंगा स्नान के साथ एक समय भोजन कर अपने संकल्प को मजबूत करेंगे। यह क्रम एक माह चलेगा और इसी के साथ सोमवार से मेला पूरी तरह रम गया।
माघमेला पुलिस के नोडल अधिकारी एसपी नीरज पांडेय के मुताबिक मेला क्षेत्र में बनाए गए नौ प्रमुख स्नान घाटों पर पीएसी की तीन लड कंपनियां, ४२ बोट और लगभग ४०० गोताखोर तैनात रहेंगे। संगम नोज, संगम प्रसार, खाक चौक, प्राचीन गंगा, यमुना पट्टी और अकबर के किला के नजदीक विशेष तौर पर एटीएस की नजर रहेगी। अन्य संवेदनशील स्थानों में शंकर विमान मंडपम, शास्त्री ब्रिज, बड़े हनुमान मंदिर आदि पर स्पेशल टॉस्क फोर्स (एसटीएफ) के जवान तैनात रहेंगे। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व से एक दिन पहले सभी १२ थानों और ३३ पुलिस चौकियों को सक्रिय कर दिया गया है।