प्रधानमंत्री सहित कई नेताओं ने सांसद निधि का नहीं किया 1 रुपए खर्च


– भाजपा के ७२ सांसद शामिल
लखनऊ। १६वीं लोकसभा के गठन को ८ माह पहले हुआ था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सरकार के कई मंत्रियों और विपक्षी दलों के बड़े नेताओं सहित ज्यादातर सांसदों ने अभी तक अपनी सांसद विकास निधि से १ रुपया तक खर्च नहीं किया है। मिनिस्ट्री ऑफ स्टैटिसटिक्स ऐंड प्रोग्राम इांqप्लमेंटेशन से मिली जानकारी के अनुसार ३६ राज्यों(वेंâद्र शासित प्रदेशों समेत) में से सिर्पâ १० के ही सांसदों ने अपनी सांसद निधि से काम करवाना शुरू किया है। दिल्ली, उत्तरप्रदेश, महाराष्ट्र, असम और हिमाचल समेत कई राज्यों के सांसदों ने अभी तक अपने इलाकों में विकास कार्यों के लिए पंâड खर्च करना शुरू नहीं किया है।
मई २०१४ से १ जनवरी २०१५ के बीच सांसदों को कुल १२४२.५० करोड़ रुपये की स्कीम के तहत पहली किश्त के रूप में मिल चुके हैं। उत्तर प्रदेश से लोकसभा के ८० सांसद हैं जिनमें प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शामिल हैं। इन्हें सबसे ज्यादा १९७.५० करोड़ रुपये मिले हैं, लेकिन ६ महीने से किसी भी सांसद ने विकास कार्य के लिए पैसा खर्च नहीं किया है। इनमें भाजपा के ७१ सांसद, २ अपना दल के, कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, एसपी चीफ मुलायम िंसह यादव और उनकी बहू िंडपल समेत उनकी पार्टी के ५ सांसद शामिल हैं।
दिल्ली में भाजपा के ७ सांसद हैं और इनमें से एक ने भी पहली किश्त के रूप में मिले २.५ करोड़ रुपयों से कुछ भी विकास कार्य पर खर्च नहीं किया है। महाराष्ट्र, असम, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और केरल में भी हालत यही है। सांसदों को हर साल ५ करोड़ रुपये विकास कार्यों के लिए दिए जाते हैं। इसका मकसद होता है कि सांसद स्थानीय जरूरतों को पूरा करने के लिए तुरंत पंâड जारी कर सवेंâ। वे पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य, सफाई और सड़कों वगैरह पर यह पैसा खर्च कर सकते हैं।