पुलिस, एम्बुलेंस, दमकल की गाड़ियों पर लालबत्ती की मंजूरी


नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने वाहनों पर लाल बत्ती के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाने संबंधी अपने पहले के आदेश में संशोधन करते हुए दिल्लीr सरकार को पुलिस, एंबुलेंस और अग्निशमन जैसी आपात सेवाओं की गाड़ियों में लाल बत्ती के इस्तेमाल की अनुमति प्रदान कर दी। चीफ जस्टिस एचएल दत्तू, जस्टिस एके सीकरी और आरके अग्रवाल की बेंच ने दिसम्बर २०१३ के आदेश में सुधार करते हुए आपात सेवाओं के वाहनों में लाल बत्ती के इस्तेमाल की अनुमति दे दी। दिल्लीr सरकार ने अपने आपात सेवाओं के वाहनों में लाल बत्ती के उपयोग की अनुमति का आग्रह करते हुये भौतिक विज्ञान के सिद्धांत का सहारा लिया। सरकार का कहना था कि लाल बत्ती की रोशनी कम दृश्यता वाली स्थिति में भी काफी दूर तक नजर आती है। सरकार का कहना था कि अमेरिका, आस्ट्रेलिया और कनाडा जैसे कई देशों में आपात सेवाओं के वाहनों पर लाल बत्ती का इस्तेमाल होता है। इसलिए दिल्लीr सरकार को भी इसकी अनुमति दी जानी चाहिए। सरकार ने १२ दिसम्बर, २०१३ के आदेश में संशोधन का अनुरोध किया था। इस मामले में न्याय मित्र की भूमिका निभा रहे वरिष्ठ अधिवक्ता हरीश साल्वे ने दिल्लीr सरकार के अनुरोध का विरोध नहीं किया। लाल बत्ती के दुरुपयोग को लेकर उत्तर-प्रदेश निवासी अभय सिंह की याचिका अप्रैल में सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया है। इस बीच संबंधित राज्य सरकारों को दो सप्ताह के भीतर अपने जवाब दाखिल करने हैं। सुप्रीम कोर्ट ने दिसम्बर २०१३ में अपने आदेश में कहा था कि संवैधानिक पदों तथा उच्च पदस्थ व्यक्तियों के वाहनों पर ही लाल बत्ती का प्रयोग किया जा सकता है। अदालत ने केंद्र सरकार से लाल बत्ती का प्रयोग करने की पात्रता रखने वाले व्यक्तियों की नई सूची जारी करने और संबंधित नियम में संशोधन का निर्देश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वाहनों पर लाल बत्ती स्टेटस सिंबल बन गया है।