पांच से ज्यादा वर्षों से गैरहाजिर 11 आईआरएस बर्खास्त


नई दिल्ली । सरकार ने भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के ऐसे ११ अफसरों को बर्खास्त कर दिया है, जो बगैर अनुमति पांच वर्ष से ज्यादा समय से कार्यालय से अनुपाqस्थत चल रहे थे। वेंâद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने राष्ट्रपति की मंजूरी के बाद इन सभी अधिकारियों को सेवा मुक्त करने का आदेश ४ जनवरी को जारी किया।
सीबीईसी ने कार्यस्थल से लंबे समय तक अनुपाqस्थति को एक तरह से आईआरएस संवर्ग से इनका त्यागपत्र माना है। उसके अनुसार इन बर्खास्त अधिकारियों को सेवानिवृत्ति से जुड़ा कोई भी लाभ नहीं मिलेगा। इन अधिकारियों का त्यागपत्र कार्यालय से इनकी गैरहाजिरी की तारीख से ही प्रभावी माना जाएगा। सेवा मुक्त अधिकारियों में दो संयुक्त आयुक्त, दो उपायुक्त, तीन सहायक आयुक्त और एक अतिरिक्त आयुक्त प्रमुख रूप से शामिल हैं।
बर्खास्त होने वाले आईआरएस अफसरों की सूची में शीर्ष पर सहायक आयुक्त ाqस्मता रावत का नाम है। वह १८ वर्षों से बगैर अनुमति गैरहाजिर चल रही थीं। जून, १९९७ में ाqस्मता आखिरी बार दफ्तर आई थीं। इसी तरह संयुक्त आयुक्त मीनू जी कृष्णन और राजेश कुमार झा भी क्रमश? २००३ और २००५ से कार्यालय से लापता थे। बर्खास्त होने वाले आईआरएस अफसरों की सूची में उपायुक्त एनके प्रसाद और राज्यश्री वाघरे का भी नाम है।
यह दोनों अधिकारी भी क्रमश? २००० और २००१ से कार्यालय से गैरहाजिर थे। उपायुक्त बीजूमल्ला वेंकट रमेश, अंकुर अग्रवाल और डीके धवन भी क्रमश? २००५, २००७ और २००० से लापता चल रहे थे। बर्खास्त अतिरिक्त आयुक्त संदीप आहूजा भी २००७ से दफ्तर से गैरहाजिर चल रहे थे